नकली नोटों समेत दो शातिर गिरफ्तार (फाइल फोटो)
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नकली करेंसी के नाम पर रद्दी देकर रकम हड़पने वाले गिरोह की कड़ियां क्राइम ब्रांच खंगालने में जुटी है। टीम ने गिरफ्तार आरोपियों से मिले मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) से 40-50 नंबर निकाले हैं, जिन पर जांच चल रही है। छानबीन में सामने आया कि सरगना का दाहिना हाथ माना जाने वाला शागिर्द बिहार में रहकर दो अलग-अलग बाजारों में डील संभालता है।
बताते चलें कि कानपुर में नौबस्ता पुलिस और स्वाट टीम ने पांच सौ के नोटों की फोटो कॉपी कर मार्केट में चलाने वाले गिरोह का बुधवार को भंडाफोड़ कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से दो लाख रुपये की कीमत के पांच-पांच सौ के ऐसे नोट बरामद हुए थे।
क्राइम ब्रांच की स्वाट और नौबस्ता पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरोह के दो सदस्यों सल्लेपुर गोपालगंज बिहार निवासी रामकुमार चौबे और साहदलपुर कहली मऊ, प्रयागराज निवासी अशोक सिंह को दबोचा था। उनके बैग में पांच सौ रुपये के जाली नोट की चार गड्डियां, सौ रुपये के जाली नोट की चार गड्डियां जिसमें कुल आठ नोट असली करेंसी व तीन मोबाइल आदि बरामद हुए थे। पुलिस ने इन आरोपितों के मोबाइल नंबरों की सीडीआर को निकलवाया है।
क्राइम ब्रांच के मुताबिक छानबीन में सामने आया कि गिरोह के सरगना का सबसे खास शागिर्द बिहार निवासी है। बिहार में रहकर वह लखनऊ और जालंधर के एजेंटों से संपर्क करके डिमांड पर नकली करेंसी पहुंचवाता है। गाजियाबाद में गिरोह के दो सदस्य काम संभाल रहे हैं।
दोनों आपस में रिश्तेदार भी बताए जा रहे हैं। क्राइम ब्रांच के मुताबिक सरगना का शागिर्द फोन पर बात करने पर कभी लखनऊ तो कभी जालंधर में होने की बात कहता है, लेकिन उसकी लोकेशन बिहार ही निकल रही है। गिरोह के अन्य सदस्यों की धरपकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं।
क्राइम ब्रांच ने नकली करेंसी देने वाले कई एजेंटों से संपर्क किया था। सभी से पुलिस ने नकली नोटों को फोटो और वीडियो की मांग की थी। पुलिस ने इस गिरोह के अलग-अलग पांच लोगों से संपर्क किया। सभी ने एक ही वीडियो शेयर किया। यह वीडियो कहां का है, इस बारे में अभी जानकारी नहीं हो पाई है। पकड़े गए आरोपी भी इस वीडियो के संबंध में कोई जानकारी नहीं दे सके।