केमिकल वाला रंग पड़ते ही उड़े बाल
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होली के दौरान खतरनाक केमिकल वाले रंग के आंखों में चले जाने से सात लोगों की कॉर्निया क्षतिग्रस्त हो गईं। साथ ही 11 बाइक सवारों की हुड़दंग के चक्कर में आंख की पलकें कट गईं। इनका इलाज हैलट में हुआ है। वहीं, दो बच्चियों के सिर पर केमिकल वाली डाई डाल देने से गहरा जख्म हो गया। बाल गिर गए। इसके अलावा हैलट कर्मचारी के सिर पर किसी ने केमिकल वाला रंग डाला तो उसे झाड़ते ही बाल का गुच्छा नीचे आ गिरा। त्वचा रोग विभाग की ओप़ीडी में 15 रोगी स्किन एलर्जी के आए।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. शालिनी मोहन ने बताया कि गुरुवार से अब तक इमरजेंसी और ओपीडी मिलाकर 57 रोगी आए। इनमें सात की कार्निया केमिकल वाला रंग चले जाने से क्षतिग्रस्त हुई हैं। 11 लड़कें बाइक से गिर गए थे, इससे उनकी पलकें कट गई थीं, उन्हें टांके लगाने पड़े। एक युवक की आंख में एसिड चला गया था। डॉ. पारुल सिंह ने बताया कि नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में आंख में रंग चले जाने के 15 रोगी आए।
हैलट के त्वचा रोग विभाग की ओपीडी में कुल 100 रोगी आए। इनमें एलर्जी के 15 रहे। इन्हें केमिकल वाले रंग से एलर्जी हो गई थी। कल्याणपुर की रहने वाली चार साल की लाडो और उसकी बहन पंखुड़ी के सिर पर किसी ने घातक केमिकल वाला रंग डाल दिया। जितने स्थान पर रंग पड़ा, वहां के बाल गायब हो गए और गहरा जख्म हो गया। इसी क्षेत्र के रहने वाले हैलटकर्मी देवेश (40) के सिर पर किसी ने होली खेलते वक्त केमिकल वाला रंग डाला। रंग झाड़ते ही बालों का गुच्छा भी नीचे आ गिरा। वरिष्ठ त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. युगल राजपूत ने बताया कि रंग को बहुत अधिक न रगड़ें। सामान्य साबुन से धोएं। रंग धीरे-धीरे उतर जाएगा।