चमड़ा उद्योग की सांकेतिक तस्वीर
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कानपुर समेत देशभर में शनिवार से कोरोना का टीकाकरण भले ही शुरू कर दिया गया हो लेकिन यूरोपीय देशों में कोरोना का भय अब भी बरकरार है। जिसका असर शहर के चमड़ा उद्योग पर एक बार फिर पड़ा है। कानपुर समेत देश भर के चमड़ा और चमड़ा से जुड़े उत्पादों के निर्यात में बड़ी गिरावट आई है।
अकेले शहर में 2800 करोड़ का झटका लगा है। आगे भी इसमें सुधार की संभावना कम नजर आ रही है। कारोबारियों का कहना है कि सरकार को इस उद्योग को बचाने के लिए आगे आना चाहिए। शनिवार को जारी निर्यात आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल दिसंबर में 411.23 मिलियन डालर का निर्यात हुआ था।
जबकि इस साल 338.33 मिलियन डालर का निर्यात हुआ। जो पिछले साल की तुलना में 17.73 फीसदी कम है। जबकि अप्रैल 2019 से दिसंबर 2019 तक 3609.55 मिलियन डालर का निर्यात हुआ था। जबकि अप्रैल से दिसंबर 2020 तक 2353.45 करोड़ का निर्यात कानपुर समेत देश भर से किया गया।
इस अवधि में करीब 34.80 फीसदी की गिरावट आई है। यह बहुत बड़ी गिरावट है। चर्म निर्यात परिषद के क्षेत्रीय अध्यक्ष जावेद इकबाल ने बताया कि शहर से बड़े पैमाने पर यूरोपीय देशों जैसे स्विट्जरलैंड, जर्मनी, फ्रांस,ब्रिटेन के अलावा अमेरिका आदि निर्यात किया जाता है।
अभी वहां पर कोरोना के चलते आर्थिक स्थितियां सामान्य नहीं हो पाई हैं। इसके अलावा पूरी क्षमता के साथ टेनरियों के न चलने से भी परेशानी है। लगातार निर्यात में गिरावट देखने को मिल रही है। ऐसे में इस उद्योग के सामने कई समस्याएं सामने आ रही हैं। सरकार को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। कानपुर में 20 हजार करोड़ का घरेलू बाजार है। जबकि पूर्व में 8 हजार करोड़ का निर्यात होता था। अब इसमें बड़े स्तर पर गिरावट देखने को मिल रही है।