कानपुर। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से 100 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने का फैसला टालने और अमेरिकी विदेश मंत्री के मुक्त व्यापार समझौते पर बयान के बाद कानपुर के निर्यातकों में कारोबार बढ़ने की उम्मीद जगी है। निर्यातक संगठनों ने इसे सकारात्मक पहल बताते हुए कहा कि अनिश्चितता कम होने से भारत-अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों को गति मिल सकती है। इसी उम्मीद में कुछ निर्यातकों ने अपने पुराने अमेरिकी खरीदारों से दोबारा बातचीत शुरू कर दी है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (फियो), उत्तर प्रदेश के प्रमुख आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि अमेरिका कानपुर का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है। हालांकि, फिलहाल वहां केवल आवश्यक वस्तुओं का ही निर्यात हो रहा है। कहा कि घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं।
आयात-निर्यात विशेषज्ञ जफर फिरोज ने भी भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में सकारात्मक माहौल बनने की उम्मीद जताई। उनके मुताबिक, इससे कारोबारी गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने यूरोपीय देशों में बढ़ती हिंसा का भी उल्लेख किया।