फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धनुष तोप का निर्यात भी किया जाएगा

Sat, 23 Apr 2016 01:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
पुणे (खड़की) में भारतीय मजदूर संघ के अधिवेशन को संबोधित करते रक्षा मंत्री।  - फोटो : aamrujala
विज्ञापन
कानपुर। आर्डनेंस फैक्ट्री कानपुर (ओएफसी) में विकसित की गई धनुष तोप का निर्यात भी किया जाएगा। सेना की जरूरतों को पूरा करने के बाद इसके लिए बाजार तलाश किए जाएंगे। भारतीय मजदूर संघ के पुणे (खड़की) में 20-21 को अप्रैल को हुए अधिवेशन में यह घोषणा रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने की। अधिवेशन में रक्षा मंत्री ने धनुष को देश का गर्व बताया। उनकी इस घोषणा के बाद फैक्ट्री के अफसरों और कर्मचारियों में जबरदस्त उत्साह है। 
विज्ञापन

धनुष तोप बोफोर्स तोप का अपग्रेड संस्करण है। इसकी बैरल की लंबाई आठ मीटर है जबकि मारक क्षमता 45 किलोमीटर है। मौजूदा समय में बैरल की लंबाई बढ़ाने पर काम शुरू कर दिया गया है ताकि मारक क्षमता और बढ़ाई जा सके। भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ और एसएएफ प्रतिरक्षा मजदूर यूनियन के मीडिया प्रभारी अभय मिश्रा ने बताया कि अधिवेशन में रक्षा मंत्री ने रक्षा कर्मचारियों की कई मांगों पर भी विचार का आश्वासन दिया है। 
धनुष की धमक
वर्ष 2000 में ओएफसी ने बोफोर्स की बैरल अपग्रेड करने का प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय को दिया था। आर्डनेंस फैक्ट्री ने देश में पहली बार तोप की सात मीटर लंबी बैरल बनाई, जिसे 2004 में सेना ने मंजूरी दी। बैरल पास होते ही तोप बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है, इसके बाद 2011 में बोफोर्स तोप की टेक्नोलॉजी और भारत में इसे बनाने की मंजूरी देने के लिए स्वीडन की कंपनी ने 63 महीने का वक्त मांगा। इस बीच ओएफसी ने भी तोप बनाने का प्रस्ताव सेना को दिया। सेना ने 18 महीने का वक्त दिया। ओएफसी और डीआरडीओ ने रिकार्ड समय में बेहतर नई तोप बनाकर सेना को सौंप दी। सेना को देने से पहले दो हजार राउंड टेस्ट फायर किए गए। सेना ने भी सियाचिन और राजस्थान में 1500 राउंड टेस्ट फायर करने के बाद इसे बेड़े में शामिल कर लिया।  
विज्ञापन

धनुष पर एक नजर
d बैरल की लंबाई आठ मीटर
d बैरल का वजन 2692 किलो
d रेंज 42-45 किलोमीटर
d दो फायर प्रति मिनट करने की क्षमता
d लगातार दो घंटे तक फायर करने में सक्षम
d फिट होने वाले गोले का वजन 46.5 किलो
d माइनस तीन डिग्री सेल्सियस से लेकर  75 डिग्री सेल्सियस तापमान पर काम करने में सक्षम
रक्षा प्रतिष्ठानों में सेंट्रलाइज्ड रिक्रूटमेंट
रक्षा मंत्री ने कहा कि मंत्रालय रक्षा फैक्ट्री, संस्थानों में सेंट्रलाइज्ड रिक्रूटमेंट व्यवस्था लागू करेगा। ऐसा होने से कानपुर में रहने वाला व्यक्ति कानपुर की ही फैक्ट्रियों में काम कर सकेगा
ट्रेड अप्रेंटिस को मिलेगी वरीयता
अधिवेशन से लौटे बीएमएस के पदाधिकारियों ने बताया कि रक्षा मंत्री ने मंच से घोषणा की कि रक्षा प्रतिष्ठानों में होने वाली भर्तियों में ट्रेड अप्रेंटिस को वरीयता दी जाएगी। 91 हजार विभिन्न रिक्तियों को भरने का काम शुरू कर दिया गया है।
14 हजार करोड़ रुपये 
से ज्यादा हुआ 
उत्पादन लक्ष्य
अधिवेशन में बताया गया कि देश की 40 से अधिक रक्षा फैक्ट्रियों में रक्षा आयुध, उपकरणों, उत्पादों का उत्पादन 14 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है जो देश के लिए बड़ी उपलब्धि है। अगले कुछ वर्षों में यह उत्पादन 17 हजार करोड़ रुपये करने का लक्ष्य है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें