रेलबाजार के फेथफुलगंज में मंगलवार सुबह कबाड़ी के घर में जोरदार विस्फोट हुआ, जिससे घर के बाहर बैठे कबाड़ी के चीथड़े उड़ गए। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि कबाड़ी के घर की दीवार और बीम उखड़ गई। वहीं, 50 मीटर दूर तक स्थित मकानों की खिड़कियों के शीशे, बिजली के मीटर टूट गए। लोहे के दरवाजों और दस फीट तक मकान की दीवारों में जगह-जगह छेद हो गए। करीब तीन सौ मीटर धमाके की आवाज सुनाई दी। इससे इलाके में भगदड़ मच गई। बम निरोधी दस्ते और फोरेंसिक टीम ने जांच कर साक्ष्य जुटाए, लेकिन विस्फोट किसी वजह से हुआ यह साफ नहीं हो सका है।
फेथफुलगंज स्थित गोरा कब्रिस्तान में रहने वाले मोहम्मद रऊफ (65) फेरी लगाकर कबाड़ खरीदकर घर में एकत्र करते थे। इसके बाद उसे तोड़कर उसकी धातुओं (लोहा,तांबा,एल्युमिनियम, पीतल व लोहा आदि) को अलग अलग करते थे। मंगलवार सुबह वह घर के बाहर बैठकर कबाड़ तोड़ रहे थे, तभी करीब 11 बजे तेज धमाका हुआ। उससे रऊफ का शरीर क्षत विक्षत हो गया और मांस के लोथड़े और अंग 10 मीटर दूर तक मिले। वहीं घर के टिन शेड के दो टुकड़े भी उड़कर अंदर की ओर खपरैल पर जा गिरे। घर की दीवार और बीम भी उखड़ गई। घर के बाहर लगा बिजली का मीटर टूट गया। पड़ोसी आजाद के घर की खिड़की के शीशे टूट गए। दीवार में 10 फीट ऊपर तक कई जगह छेद हो गए। यहीं हाल जफर और आसपास के कई घरों का दिखा। कबाड़ी के घर से करीब 50 मीटर दूर रहने वाली रुबीना के घर का सामान धमाके की आवाज से गिर गया।
खिड़की के कांच के टुकड़े लगने से रुबीना के हाथ पैर और चेहरे पर चोट आ गई। धमाके की करीब तीन सौ मीटर तक गूंजी, तो लोग की भीड़ गोरा कब्रिस्तान की तरफ दौड़ पड़े। डीसीपी पूर्वी श्रवण कुमार सिंह, एडीसीपी मनोज पांडेय, एसीपी कैंट फोरेंसिक टीम व बम निरोधी दस्ते के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ की, लेकिन घटना के वक्त रऊफ क्या कर रहे थे। यह भी कोई नहीं बता सका। धमाके के समय रऊफ के घर में उनकी छोटी बहेटी शाहिला और बेटे जाहिद की पत्नी व बच्चों के अलावा कोई नहीं था। घटना के बाद सभी चीखते चिल्लाते हुए भागकर पड़ोसी जफर के घर में जा पहुंचे। रेल बाजार थाना प्रभारी बहादुर सिंह ने बताया कि विस्फोट कैसे और किस वजह से हुआ। यह अभी साफ नहीं हुआ है। जांच की जा रही है।
राशिद बोला, नहीं था जाने का मन , बीच रास्ते मिली हादसे की खबर
मृतक रऊफ के बेटे राशिद ने बताया कि उनकी बहन शाइका की फतेहपुर में शादी हुई है। उसने हाल में बच्चे को जन्म दिया है। उसी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भाइयों जाहिद, शाहिद, शाकिर के साथ परिवार के अधिकांश लोग मंगलवार सुबह फतेहपुर के लिए निकल गए थे। वहां पहुंचने के पहले ही घटना की खबर मिलने पर सभी लोग वापस लौट आए।
रऊफ के सात में दो बेटों की हो चुकी है मौत, तीन बेटियों में दो शादीशुदा
कबाड़ का काम करने वाले रऊफ के सात बेटों में दो की मौत हो चुकी है। वहीं तीन बेटियों में दो की शादी हो चुकी है। बड़ा बेटा वारिश बाराबंकी में परिवार के साथ रहकर सिलाई का काम करता है। जबकि, जाहिद, शाहिद, राशिद शाकिर भी इसी घर से जुड़े घर पर रहकर कबाड़ का काम करते हैं। वहीं, आरिफ की सात माह पहले वाहिद की चार साल पहले मौत हो चुकी है। इसके अलावा शाइदा और शाइका की शादी हो चुकी है।