ऑर्डिनेंस फैक्ट्री कानपुर (ओएफसी) में नौ अप्रैल को एलएफजी (लाइट फील्ड गन) को टेस्टिंग के लिए तैयार करते समय हुए धमाके की जांच करने पहुंचे जबलपुर स्थित गुणता आश्वासन नियंत्रणालय आयुध के ब्रिगेडियर रवि भारद्वाज ने गुरुवार को परीक्षण करने वाली टीम के सदस्यों-वरिष्ठ अफसरों के बयान दर्ज किए। जांच रिपोर्ट जल्द उच्च अफसरों को दी जाएगी। बृहस्पतिवार को निर्माणी में दिल्ली से चार सदस्यीय जांच टीम के आने की चर्चा रही। लेकिन इसकी कोई पुष्टि नहीं हो सकी।
जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पता चल सकेगा कि परीक्षण के लिए किसी अफसर ने दबाव बनाया या फिर कैरिज की स्थिति ठीक नहीं थी। कैरिज परीक्षण के लायक ही नहीं था। इन सभी बिंदुओं पर ही जांच की गई है। सूत्रों के अनुसार परीक्षण टीम पर दबाव बनाने वाले अफसर को जांच से अलग रखा गया है। बता दें कि पूरे मामले की जांच के लिए आयुध निर्माणी बोर्ड ने चार सदस्यीय हाई लेवल कमेटी गठित कर दी है। इसके अलावा रक्षा मंत्रालय भी पूरे मामले की अलग से जांच करवा सकता है। जांच कर ब्रिगेडियर लौट गए।
ओएफसी में हुए धमाके में दो लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन अभी तक सेना से जुड़े डीजीक्यूए की ओर से मृतक आश्रितों के परिवार के लिए किसी प्रकार की घोषणा नहीं की गई है। न ही नौकरी से जुड़ी कोई घोषणा हुई और न ही मुआवजे से जुड़ी। इसको लेकर निर्माणी में कर्मचारियों-अफसरों में रोष है। उनका कहना है कि डीजीक्यूए (डायरेक्टर जनरल क्वालिटी एश्योरेंस) की संवेदनहीनता सामने आ रही है। हालांकि निर्माणी ने रीजेंसी अस्पताल में भर्ती घायलों के बेहतर इलाज करने के लिए अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखा है। साथ ही इस पर सभी खर्च का वहन निर्माणी की ओर से करने की बात भी कही गई है।