कानपुर देहात। मेडिकल कॉलेज अकबरपुर की इमरजेंसी में भर्ती मरीज की मौत और 11 घंटे शव बेड पर पड़े रहने के मामले में छह कर्मचारियों का निलंबन हो चुका है। प्राचार्य ने इमरजेंसी नोडल दो डॉक्टर व एक स्टाफ नर्स से स्पष्टीकरण तलब किया है। इसके साथ ही रोस्टर के अनुसार विशेषज्ञों की इमरजेंसी में ड्यूटी लगाई है। मामले की पूरी रिपोर्ट शासन भेजी है।
इमरजेंसी में भर्ती मरीज सुंदर (25) की मौत को लेकर लापरवाही सामने आई है। इसके बाद एक के बाद एक कार्रवाई की जा रही है। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य ने इमरजेंसी के नोडल के रूप में कार्य देखने वाली फिजिशियन डॉ.आराधना, नोडल इमरजेंसी डॉ. निशांत पाठक, इमरजेंसी वार्ड की सिस्टर (नर्स) कंचन से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। इसके साथ ही प्रोफेसर सर्जरी विभाग डॉ. हरप्रीत, डॉ. जेआर त्यागी, डॉ. निशांत की एक तीन सदस्यीय टीम गठित की है। यह टीम इमरजेंसी की स्वास्थ्य सेवाओं पर नजर रखने के साथ बरती गई लापरवाही की जांच रिपोर्ट प्राचार्य को देगी। बता दें कि अब तक इस मामले में दो डॉक्टर, दो वार्ड बॉय, फार्मासिस्ट, एक सफाई कर्मी समेत छह पर कार्रवाई की जा चुकी है।
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यह था मामला
इमरजेंसी वार्ड में सुंदर (25) अकबरपुर नाम पते से एक मरीज को शनिवार दोपहर 1:15 पर दो व्यक्तियों द्वारा भर्ती कराया गया था। इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. मनीष ने प्राथमिक इलाज के बाद उसे वार्ड में भर्ती कर दिया था। दोपहर में हालत बिगड़ने पर 2:45 बजे उसे हैलट के लिए रेफर किया गया। इसके लिए पुलिस से गार्ड की मांग करते हुए पुलिस सूचना (पीआई) भेजी गई। मगर देर रात तक उसे कानपुर हैलट नहीं भेजा जा सका। इस पर इमरजेंसी के स्टाफ ने गार्ड न मिलने की बात कही थी। जबकि पुलिस ने गार्ड भेजे जाने की बात कही थी। इधर करीब आठ घंटे कागजी कार्रवाई व रात 11 बजे के करीब मौत होने के बाद सुंदर का शव पूरी रात इमरजेंसी के बेड पर पड़ा रहा। अगल बगल भर्ती मरीज वार्ड से बाहर आ गए थे। मामला संज्ञान में आने के बाद रविवार सुबह नौ बजे के करीब शव मोर्चरी में रखवाया जा सका सका था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने दो सदस्यीय जांच टीम गठित की थी।
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अब इमरजेंसी में तैनात रहेंगे सीनियर डॉक्टर
इमरजेंसी में मरीज के इलाज में हुई लापरवाही के बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने व्यवस्थाएं दुरुस्त करनी शुरू की हैं। प्राचार्य डॉ. सज्जन लाल वर्मा ने बताया कि इमरजेंसी में अब पीएमएस कैडर के विशेषज्ञ चिकित्सकों की तिथिवार, यूनिटवार ड्यूटी लगाई गई है। जो इमरजेंसी में जूनियर चिकित्सकों, इंटर्न चिकित्सकों का प्रशिक्षण व पर्वेक्षण प्रदान करेंगे। साथ ही पैरामेडिकल स्टाफ की 24 घंटे की ड्यूटी पर नजर रखेंगे। इसके साथ ही ऑनकाल आने वाले डॉक्टरों का पर्वेक्षण किया जाएगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो इसके लिए सभी को निर्देश दिए गए हैं।
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बयान
इमरजेंसी में इस तरह की घटना की दोबारा पुनरावृत्ति न हो इसके लिए कड़ी कार्रवाई की गई है। इमरजेंसी नोडल दो डॉक्टर व एक सिस्टर से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। संतोषजनक जवाब न आने पर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही तीन सदस्यीय टीम गठित कर आख्या मांगी गई है। अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सचिव चिकित्सा शिक्षा विभाग को भेजी गई है। - डॉ. सज्जन लाल वर्मा, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज