डा. मुरली मनोहर जोशी की सांसद निधि के स्टीमेट से पहले ही प्रकाशित किए गए टेंडर के मामले में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह ने टेंडर जारी करने वाले विभाग आरईएस के अधिशासी अभियंता एमपी सिंह से इस बावत जवाब तलब किया।
बुधवार को इस मामले पर पूछताछ के लिए अधिशासी अभियंता को बुलाया गया है। इस बीच इस खबर को सांसद के स्थानीय कार्यालय की तरफ से दिल्ली स्थित डा. जोशी के कार्यालय को भेज दी गई है।
सदन में होने के कारण सांसद की तरफ से अभी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
ज्ञात हो कि आरईएस विभाग के अधिशासी अभियंता की तरफ से गत शनिवार को एक टेंडर जारी कर दिया गया। जिसमें जोशी की सांसद निधि से गोविंदनगर विधानसभा क्षेत्र में चार जगहों पर 52 लाख से अधिक के काम कराने की बात कही गई।
मामले का खुलासा होने पर पता चला कि जब तक सांसद निधि के लिए प्रशासनिक अनुमति न जारी हो, तब तक कोई भी टेंडर नहीं जारी नहीं हो सकता है।
मंगलवार को जब यह मामला लोगों के सामने आया तो सभी ने आश्चर्य प्रकट किया। भाजपा महानगर इकाई की तरफ से इसकी शिकायत सांसद जोशी से की गई।
हमने आरईएस के अधिशासी अभियंता एमपी सिंह से इस मामले को लेकर जवाब तलब किया है। मुझे लखनऊ बैठक में जाना था, नहीं तो मंगलवार को ही मामले के बारे में पूछताछ करता।
- राजेंद्र सिंह मुख्य विकास अधिकारी
यह नियम विरुद्ध कार्य किया गया है। इसकी सूचना हमने सांसद मुरली मनोहर जोशी को दे दी है। साथ में अखबार में प्रकाशित खबर भी भेज दी है। वे जल्द ही कानपुर आकर इस मामले में पूछताछ करेंगे
- सुरेंद्र मैथानी भाजपा महानगर अध्यक्ष