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Kanpur News: मोबाइल व कंप्यूटर का ज्यादा प्रयोग युवाओं को दे रहा सर्वाइकल का दर्द

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इटावा। भागदौड़ भरी जिंदगी और अनियमित दिनचर्या के बीच घंटों मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर के इस्तेमाल से युवाओं को सर्वाइकल की समस्या हो रही है। कंप्यूटर और मोबाइल पर घंटों बिताने के कारण वह तेजी से सर्वाइकल की चपेट में आ रहे हैं। बैठने की गलत आदत व व्यायाम से दूरी के चलते इस बीमारी से परेशान 20 से 30 युवा रोजाना जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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वर्तमान समय में लगभग हर हाथ में स्मार्टफोन है। खासकर युवा वर्ग दिनभर मोबाइल व लैपटॉप से ही चिपका रहता है। सोशल नेटवर्किंग साइट के प्रति लोगों का रुझान तेजी से बढ़ता जा रहा है। घंटों मोबाइल, लैपटॉप देखते रहने से सीधे बैठ पाना संभव नहीं हो पाता। कुछ देर बाद गर्दन झुकाकर लोग उसमें व्यस्त हो जाते हैं। यही गलत आदत लोगों को बीमारियों का शिकार बना रही है।
चिकित्सक बताते हैं कि गर्दन में सात हड्डियां होती हैं। इनके बीच से दिमाग से स्पाइनल कार्ड नामक नस निकलती है। यह नस ही शरीर को नियंत्रित करती है। गर्दन से स्पाइनल कार्ड की कई शाखाएं निकलकर दोनों हाथों में जाती हैं। गर्दन में झुकाव व टेढ़ी होने से मांसपेशियों में खिंचाव आ जाता है। धीरे-धीरे गर्दन की हड्डियों में बदलाव होने से यह शाखाएं दबने लगती हैं। इससे जहां तक नसें जाती हैं, वहां समस्याएं होने लगती है।
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जिला अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विष्णु महरोत्रा ने बताया कि बाइक का अधिक प्रयोग, मोबाइल पर घंटों सिर झुकाकर बैठना, लैपटॉप चलाते समय सिर लगातार नीचे रखना इस बीमारी का प्रमुख कारण है। इससे गर्दन में पीछे हड्डी में दर्द होना, शरीर के अन्य हिस्सों में दर्द होने के साथ ही सुन्नपन की समस्या होने लगती है।

ऐसे करें बचाव
- तकिया का इस्तेमाल कम से कम करें
- नियमित व्यायाम करें
- आउटडोर गेम खेलें
- कुर्सी पर सीधे बैठें
- रीढ़ की हड्डी सीधी रखें
- बैठते समय गर्दन न झुकाएं


बोले चिकित्सक
अस्पताल में प्रतिदिन ऐसे कई मरीज आते हैं जो सर्वाइकल से परेशान हैं। इससे बचने के लिए दवा, फिजियोथेरेपी के साथ-साथ व्यायाम करने की सलाह दी जाती है। लगातार कई घंटों तक मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर पर काम करने से ये शिकायत होती है। काम करते वक्त बीच-बीच में गैप देने से राहत मिलेगी।
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- डॉ. विष्णु महरोत्रा, हड्डी रोग विशेषज्ञ
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