घाटमपुर। वंश आगे न बढ़ाने का ताना झेलते-झेलते एक मां गर्भ में वंश लेकर ही मौत के मुंह में चली गई। ससुराल वाले दो बेटियां होने पर उसे इतना प्रताड़ित करते थे कि उसे ट्रेन से कटकर जान देने को मजबूर होना पड़ा। वह गर्भवती थी, ससुराल वाले कह रहे थे कि इस बार भी गर्भ में बेटी है और इसलिए उसे सोमवार को घर से निकाल दिया था।
वह अपनी दो मासूम बेटियों के साथ कुष्मांडा देवी मंदिर में रह रही थी। शुक्रवार को नवरात्र के पहले दिन दोपहर बाद वह दोनों बेटियों के माता के पास छोड़कर कहीं चली गई। देर रात तक नहीं लौटी तो खोजबीन शुरू हुई। शनिवार सुबह उसका शव ट्रैक पर मिला। पोस्टमार्टम से पता चला कि उसके गर्भ में इस बार बेटा था।
घाटमपुर थानाक्षेत्र के मुइया गांव निवासी देवीप्रसाद तिवारी ने बताया कि उसने अपनी पुत्री अन्नपूर्णा (34) का विवाह 11 वर्ष पहले कस्बा भीतरगांव निवासी विपिन द्विवेदी के साथ किया था। अन्नपूर्णा की दो बच्चियां ऋद्धि उर्फ कृति (4) और सिद्धि (1) हैं। मां रुक्मणि देवी ने बताया कि अन्नपूर्णा 5 माह की गर्भवती थी। ससुराल वाले ताने मारते थे कि दो बेटियों के बाद इस बार फिर गर्भ में कन्या है। पति रोज प्रताड़ित करता था।
देवी प्रसाद के अनुसार सोमवार को विपिन ने अन्नपूर्णा को दोनों बच्चियों के साथ घर से बाहर निकाल दिया। वह बच्चियों को लेकर कुष्मांडा देवी मंदिर घाटमपुर पहुंची और वहीं आसरा बना लिया। नवरात्र के पहले दिन शुक्रवार को बेटी सिद्धि लावारिस हालत में ग्रामीणों को मिली तो मां की तलाश शुरू की गई। शनिवार सुबह बड़ी बेटी ऋद्धि भी कानपुर रोड पर रोती हुई मिली तो मां की खोजबीन तेज कर दी गई।
इसी बीच सूचना मिली कि मंदिर से कुछ दूरी पर स्थित (रामसारी रोड) रेलवे क्रासिंग के पास अन्नपूर्णा का शव मिला है। उसने ट्रेन से कटकर जान दे दी थी। प्रभारी थानाध्यक्ष भोलेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि अभी तहरीर नहीं मिली है। अन्नपूर्णा का पति विपिन कानपुर में मौरंग मंडी और आरटीओ में दलाली करता है। उसके ससुराल वाले मकान में ताला बंद करके फरार हो गए हैं।
गांववालों ने बताया है कि सोमवार को अन्नपूर्णा का पति से छोटी बच्ची का इलाज कराने के लिए विवाद हुआ था। जिसपर विपिन ने उसकी पिटाई की थी और घर से कानपुर चला गया था। अन्नपूर्णा के पिता और भाई ने बताया कि उनके यहां न तो अन्नपूर्णा का पति आया और न ही कोई सूचना दी गई। बेटी को घर से निकालने की जानकारी दो दिन बाद विपिन के एक पड़ोसी के जरिए मिली थी।
बड़ी गई ननिहाल छोटी को लिया गोद
बड़ी बेटी ऋद्धि को ननिहाल वाले ले गए, जबकि छोटी बेटी सिद्धि को घाटमपुर के राजेंद्र सोनी ने गोद ले लिया।
मां कहती थी हम मर जाएंगे
बड़ी बेटी ऋद्धि ने तोतली जुबान से बताया कि मम्मी कहती थी तुम दोनों को यहीं छोड़कर मैं मर जाऊंगी। भीड़ के साथ रेलवे ट्रैक से कुछ दूर पर खड़ी रिद्धि ने लोगों से पूछा मां वहां सो रही है क्या? यह सुनकर सबकी आंखें भर आईं।