भाजपा से विधायक रहे अशोक सिंह चंदेल समेत नौ लोग सामूहिक हत्याकांड मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। सजा होने के बाद बुधवार को पूर्व विधायक के तीनों असलहों के लाइसेंस जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने निरस्त कर दिए।
इसके पूर्व सजायाफ्ता रघुवीर व उसके पुत्र आशुतोष सिंह के भी दो-दो असलहों के लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं। करीब 22 साल पहले मुख्यालय के सुभाष बाजार में पांच लोगों की सामूहिक हत्या मामले में उच्च न्यायालय प्रयागराज ने 19 अप्रैल को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
सभी आरोपी जिला कारागार में जबकि पूर्व विधायक आगरा व आशुतोष सिंह फतेहगढ़ जेल में निरुद्ध हैं। पूर्व विधायक के पास रिवाल्वर, दोनाली व रायफल का लाइसेंस था। जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने बताया कि हाईकोर्ट से सजा होने के आदेश के बाद भाजपा के विधायक रहे अशोक चंदेल के नाम जारी तीनों असलहों से संबंधित नोटिस दी गई।
लेकिन उनकी ओर से किसी ने जवाब दावा दाखिल नहीं किया। बुधवार को उनके तीन लाइसेंस निरस्त कर दिए। इससे पहले रघुवीर सिंह व उसके पुत्र आशुतोष सिंह के दो-दो असलहों के लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं।