किसी को रिझाने के लिए डायमंड नाम ही काफी है। और यदि इसमें कुछ कलाकारी हो जाए तो फिर कहने ही क्या? डायमंड के बाजार में ऐसी ही कलाकारी की श्रृंखला में एक और नाम जुड़ गया है डांसिंग डायमंड का। जानिए क्या है खास...
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डांसिंग डायमंड से बना हुआ हार नवीनतम कलाकारी का बेजोड़ नमूना है। डांसिंग डायमंड की खासियत है कि घंटों स्थिर रहने के बावजूद यह हिलता रहता है। छोटे छोटे पीस में दर्जनों डायमंड जब एक साथ हिलते हैं तो उसकी चमक आंखों को बरबस खींच लेती हैं। बिरहाना रोड स्थित लाला पुरुषोत्तम दास ज्वैलर्स में इसकी प्रदर्शनी लगी है।
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हार में लगे हैं डायमंड के 345 पीस
लाला पुरुषोत्तम दास ज्वैलर्स के मालिक विवेक गुप्ता बताते हैं कि इस हार को बनाने में मशीन और हाथ दोनों का इस्तेमाल हुआ है। मुंबई की एक कंपनी से करार के बाद कानपुर के बाजार में यह पहली बार आया है। 14 कैरेट के डायमंड और 68 ग्राम रोज गोल्ड कलेक्शन का इस्तेमाल किया गया है। गुलाबी रंगत वाले हार में डायमंड के 52 बड़े और 293 छोटे पीस लगे हैं।
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यहां 14 अगस्त तक लगा डायमंड दरबार
लाला पुरुषोत्तम दास ज्वैलर्स में 14 अगस्त तक डायमंड दरबार लगाया गया है। इसमें हर खरीद पर 15 फीसदी की छूट है। डांसिंग डायमंड से बने हार और कान के झालों की कीमत पांच लाख 95 हजार रुपये है। डायमंड दरबार में 10 से 15 हजार रुपये के बीच हीरों की रेंज शुरू हो जाती है। लाला पुरुषोत्तम दास का कहना है कि डायमंड दरबार में मध्यम वर्गीय परिवार की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है।