डेरापुर। झींझक ब्लॉक की ग्राम पंचायत बनीपारा जिनई में अंत्येष्टि स्थल की भूमि पर विवाद का हल नहीं निकल सका है। डेढ़ माह बाद भी क्षतिग्रस्त चाहरदीवारी जस की तस है। ग्राम प्रधान का आरोप है कि दो बार अंत्येष्टि स्थल की चाहरदीवारी और पिलर तोड़ दिए गए लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ग्राम प्रधान चंद्रभान ने एसडीएम को बताया कि गाटा संख्या 343 में 0.2150 हेक्टेयर भूमि राजस्व अभिलेखों में मरघट के नाम दर्ज है। यहां अंत्येष्टि स्थल का निर्माण शुरू कराया गया था। आरोप है कि 11 नवंबर 2025 की रात निर्माणाधीन पिलर और बाउंड्रीवॉल कुछ लोगों ने तोड़ दी गई। रूरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसके बाद 12 फरवरी 2026 की रात करीब 11:30 बजे दोबारा निर्माण ध्वस्त कर सामग्री उठा ले गए। नायब तहसीलदार और राजस्व टीम की जांच में निर्माण तोड़े जाने की पुष्टि भी हुई थी।
जिलाधिकारी कपिल सिंह ने 19 अगस्त को एसडीएम और सीओ डेरापुर को आवश्यक निर्देश दिए थे। हालांकि अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। कहा कि सरकारी भूमि को सुरक्षित किया जाना चाहिए। एसडीएम नीरज गौतम ने बताया कि ग्राम प्रधान कुछ ग्रामीणों के साथ मिले थे उनकी समस्या को सुना। कुछ लोग अंत्येष्टि स्थल आबादी के पास होने से प्रदूषण की समस्या बता रहे हैं। स्थलीय निरीक्षण कर प्रस्तावित भूमि पर कोई अतिक्रमण है तो हटवाया जाएगा। निर्माण कराने की जिम्मेदारी पंचायत/विकास विभाग की है।