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इटावा: ऑपरेशन के बाद प्रसूता की मौत, तीन घंटे तक नर्सिंग होम में हंगामा, स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच

Tue, 25 Aug 2026 06:15 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा

सार

Etawah News: परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर विरोध किया। स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू की।
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महिला की फाइल फोटो व अस्पताल के बाहर मौजूद पुलिस व परिजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महेरा चुंगी चौराहा के पास स्थित नर्सिंग होम में ऑपरेशन से प्रसव के बाद प्रसूता की मौत हो गई। महिला की मौत से गुस्साए परिजनों ने नर्सिंग होम के डॉक्टर और स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए करीब तीन घंटे तक हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ने पर डॉक्टर ने दो इंजेक्शन लगाने के नाम पर 80 हजार रुपये की मांग की, जबकि ऑपरेशन के लिए पहले ही 50 हजार रुपये लिए जा चुके थे। महिला की मौत के बाद नर्सिंग होम बंद कर स्टाफ के भाग जाने का भी आरोप लगाया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, समय से पहले जन्मे जुड़वा बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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भरथना के ककराई गांव निवासी जितेंद्र की पत्नी शालू (30) को सोमवार को प्रसव पीड़ा होने पर महेरा चुंगी स्थित नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। शालू की गर्भावस्था करीब सात माह 15 दिन की थी। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर प्रसव कराया। इसके बाद महिला ने एक बेटा और एक बेटी को जन्म दिया। दोनों बच्चे समय से पहले पैदा होने के कारण बेहद कम वजन और कमजोर हालत में थे। पति जितेंद्र ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के बाद पत्नी की हालत लगातार बिगड़ने लगी। रात करीब दस बजे डॉक्टर ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए दो इंजेक्शन लगाने की बात कही और इसके लिए 80 हजार रुपये मांगे।

ऑपरेशन के नाम पर नर्सिंग होम में पहले ही 50 हजार रुपये लिए जा चुके थे। उसने अपने रिश्तेदार से 80 हजार रुपये उधार लेकर डॉक्टर को दिए। परिजनों ने आरोप लगाया कि रुपये लेने के बावजूद शालू की हालत में सुधार नहीं हुआ और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।महिला की मौत की जानकारी मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और नर्सिंग होम में विरोध शुरू कर दिया। जितेंद्र का आरोप है कि सुबह पत्नी की मौत के बाद डॉक्टर और स्टाफ ने शव को सैफई आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय ले जाने की बात कहते हुए एंबुलेंस से रेफर करने का प्रयास किया। इस पर परिजनों ने विरोध कर दिया।
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देखते ही देखते नर्सिंग होम में हंगामा बढ़ गया। परिजनों का आरोप है कि हंगामा बढ़ने के बाद नर्सिंग होम का स्टाफ अस्पताल बंद कर मौके से चला गया। इसके बाद काफी देर तक वहां अफरातफरी का माहौल रहा। परिजनों ने नर्सिंग होम के संचालन और पंजीकरण को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि नर्सिंग होम बिना आवश्यक रजिस्ट्रेशन या नवीनीकरण के संचालित किया जा रहा था। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। करीब तीन घंटे तक चले विरोध के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

प्रभारी निरीक्षक यशवंत सिंह ने बताया कि परिजनों की ओर से तहरीर मिलने पर मामले में कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर भी आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, शालू के दोनों नवजात बच्चों की हालत को देखते हुए परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। दोनों बच्चों का जन्म करीब सात माह 15 दिन में हुआ है, इसलिए डॉक्टर की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है। एक साथ मां की मौत और दोनों बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने से परिवार में मातम पसरा है।
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