महिला की फाइल फोटो व अस्पताल के बाहर मौजूद पुलिस व परिजन
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महेरा चुंगी चौराहा के पास स्थित नर्सिंग होम में ऑपरेशन से प्रसव के बाद प्रसूता की मौत हो गई। महिला की मौत से गुस्साए परिजनों ने नर्सिंग होम के डॉक्टर और स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए करीब तीन घंटे तक हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ने पर डॉक्टर ने दो इंजेक्शन लगाने के नाम पर 80 हजार रुपये की मांग की, जबकि ऑपरेशन के लिए पहले ही 50 हजार रुपये लिए जा चुके थे। महिला की मौत के बाद नर्सिंग होम बंद कर स्टाफ के भाग जाने का भी आरोप लगाया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, समय से पहले जन्मे जुड़वा बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
भरथना के ककराई गांव निवासी जितेंद्र की पत्नी शालू (30) को सोमवार को प्रसव पीड़ा होने पर महेरा चुंगी स्थित नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। शालू की गर्भावस्था करीब सात माह 15 दिन की थी। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर प्रसव कराया। इसके बाद महिला ने एक बेटा और एक बेटी को जन्म दिया। दोनों बच्चे समय से पहले पैदा होने के कारण बेहद कम वजन और कमजोर हालत में थे। पति जितेंद्र ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के बाद पत्नी की हालत लगातार बिगड़ने लगी। रात करीब दस बजे डॉक्टर ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए दो इंजेक्शन लगाने की बात कही और इसके लिए 80 हजार रुपये मांगे।
ऑपरेशन के नाम पर नर्सिंग होम में पहले ही 50 हजार रुपये लिए जा चुके थे। उसने अपने रिश्तेदार से 80 हजार रुपये उधार लेकर डॉक्टर को दिए। परिजनों ने आरोप लगाया कि रुपये लेने के बावजूद शालू की हालत में सुधार नहीं हुआ और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।महिला की मौत की जानकारी मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और नर्सिंग होम में विरोध शुरू कर दिया। जितेंद्र का आरोप है कि सुबह पत्नी की मौत के बाद डॉक्टर और स्टाफ ने शव को सैफई आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय ले जाने की बात कहते हुए एंबुलेंस से रेफर करने का प्रयास किया। इस पर परिजनों ने विरोध कर दिया।