डॉ. ध्रुव यादव ने बताया कि तापामान के उतार चढ़ाव होने और तालाब में पानी कमी होने की वजह से मछलियों की मौत हुई है। ईओ विनय कुमार मणी त्रिपाठी ने बताया कि मछलियां मरने की सूचना होने पर मत्स्य विभाग को सूचना दी गई थी। उनकी ओर से जांच पड़ताल की गई है। उधर, पक्का तालाब स्थित सांईं मंदिर के पुजारी संतोष वर्मा ने बताया कि तीन दिन से बदबू आ रही है। पहले लगा कि शायद पानी गंदा होने की वजह से दुर्गंध है। बुधवार को मछलियां मरी होने पर सभासद को जानकारी दी। उन्होंने नगर पालिका के कर्मचारियों को अवगत कराया।
तिलातिया मछली करती है तीन से छह माह में प्रजनन
मत्स्य महाविद्यालय के डॉ. ध्रुव यादव के अनुसार, तालाब में ज्यादातर मछलियां तिलातिया प्रजाति की पड़ी थीं। इनकी शक्ति तेज होती है। तीन से छह माह के बीच यह प्रजनन करने लगती है। इससे तालाब में मछलियों की संख्या बढ़ गई है। संभवत: ऑक्सीजन की कमी का कारण यह भी हो सकता है।