पानी पीने के लिए कक्षा से निकलने की अनुमति मांगने पर प्रधानाध्यापक ने कक्षा चार के छात्र को मुर्गा बना दिया। आरोप है कि इस बीच प्रधानाध्यापक ने छात्र के मुंह में बीड़ी और तंबाकू भी डाल दी। इससे छात्र बेहोश हो गया। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के प्रधानाध्यापक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। अभिभावकों ने शिक्षक पर विद्यालय में ही नशा करने का भी आरोप लगाया है।
छोटेलाल प्रजापति निवासी नगला गंगे ने थाने तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें बताया कि उनके साले का बेटा शिवा (10) कक्षा चार में गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ता है। बुधवार को वह पानी पीने के लिए प्रधानाध्यापक सुनील निवासी बागपत से अनुमति मांगने गया तो प्रधानाध्यापक का पारा चढ़ गया। आरोप है कि उन्होंने शिवा को पीटकर मुर्गा बना दिया। इसके बाद उसके मुंह में जबरन बीड़ी और तंबाकू डाल दी। इससे वह बेहोश हो गया। होश आने पर छात्र दोपहर बाद दीवार फांदकर घर पहुंचा और बुआ गीता देवी को आपबीती बताई।
बुआ गीता का आरोप है कि वह जब अमानवीय व्यवहार का करण पूछने विद्यालय पहुंची तो तो आरोपी ने उन्हें भी बेल्ट दिखाते हुए दौड़ा लिया। यह देखकर गांव के लोग एकत्रित हो गए। इस पर शिक्षक स्कूल के अंदर चला गया और दरवाजा बंद कर लिया। ग्रामीणों ने बीएसए और पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। आरोपी के खिलाफ 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 123(1) (हानिकारक पदार्थ से नुकसान पहुंचाना) और 127(2) (गलत तरीके से कैद करना) की धाराओं में देर शाम रिपोर्ट दर्ज की है। सीओ भरथना अतुल प्रधान ने बताया कि आरोपी शिक्षक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। उसका मेडिकल कराया जा रहा है। वहीं, प्रधानाध्यापक सुनील ने बताया दो दिन पहले छात्र ने गलती की थी इसलिए पिटाई की है। सिर्फ कान पकड़वाए थे। मुर्गा नहीं बनाया और न ही बीड़ी व तंबाकू नहीं डाली है।