वैक्सीनेशन के नाम पर ड्रम के पीछे छिपी महिला
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केंद्र व प्रदेश सरकार एक ओर कोरोना टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं, तो दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में वैक्सीन को लेकर कई तरह की आशंकाओं के बीच लोग टीका नहीं लगवा रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य अफसर उन्हें समझाने का प्रयास तो कर रहे हैं लेकिन ग्रामीण हैं कि मानने को तैयार नहीं हैं।
कुछ ऐसा ही हाल बृहस्पतिवार को चकरनगर के चांदई गांव व इकदिल के चांदनपुर में देखने को मिला। कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए बृहस्पतिवार को चकरनगर के चांदई गांव में टीकाकरण कैंप लगाया गया था। जहां विकलांग पति को लेकर आई सूरजमुखी दिवाकर (55) ने वैक्सीनेशन होते देखा घर के लिए दौड़ लगा दी। इस पर स्वास्थ्य टीम ने उसे रोक कर भागने का कारण पूछा, तो उसने बताया कि मर जाएं चाहें, लेकिन सुई नहीं लगवाएंगे।
वैक्सीनेशन से भयभीत महिला अपनी जिद पर अड़ी रही और लाख समझाने के बावजूद वैक्सीनेशन नहीं करवाया। डिप्टी सीएमओ डॉ. श्रीनिवास यादव ने महिला को बैठाकर वैक्सीनेशन के बारे में 25 मिनट तक समझाया, लेकिन महिला पर किसी बात का कोई असर नहीं पड़ा। जबकि महिला ने अपने विकलांग पति का वैक्सीनेशन करवाया। लेकिन खुद वैक्सीनेशन नहीं करवाया।