लोग बीहड़ वाले सैयद बाबा की मजार कहते हैं
वन विभाग की ओर से वादी बने वन दरोगा अशोक शर्मा का दावा है कि डीएफओ कोर्ट में दरगाह पक्ष के लोग कोई भी पुख्ता दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके हैं। बता दें कि सफारी सड़क से लगभग एक किलोमीटर अंदर जंगल में एक मजार बनी है। इसे लोग बीहड़ वाले सैयद बाबा की मजार कहते हैं। एक शिकायत पर वन विभाग की टीम ने इस मजार के अस्तित्व की जांच की थी।
कोर्ट की ओर से बेदखली के आदेश
वन विभाग के रिकॉर्ड में कोई भी दरगाह का जिक्र नहीं मिला था। मजार को 0.0281 हेक्टेयर वन भूमि पर अवैध बताकर नोटिस जारी किया गया था। क्षेत्रीय वन अधिकारी व इस मामले की पैरवी कर रहे अशोक शर्मा ने बताया कि दूसरे पक्ष को सुबूत पेश के लिए पर्याप्त समय दिया गया, लेकिन वह दे नहीं सके। इसके लिए कोर्ट की ओर से बेदखली के आदेश हुए हैं। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी व एसएसपी को भेज दी गई है। आगे की कार्रवाई जिला प्रशासन की ओर से की जाएगी।