किसी संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं शावक
रविवार को सुबह शावक ने दम तोड़ दिया। इसके बाद पैनल गठित शावक का पोस्टमार्टम किया गया। मौत का कारण जानने के लिए विसरा को आईवीआरआई बरेली भेजा गया है। डायरेक्टर अनिल पटेल ने बताया कि जब किसी भी शावक को रेस्क्यू कर लाया जाता है, तो दो माह का समय इनके लिए काफी संवेदनशील होता है। काफी देखभाल के बाद भी कई बार शावक अचानक किसी संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं और दम तोड़ देते हैं।
तेंदुओं की संख्या घटकर 21 हो गई
अभी तक सफारी में तेंदुओं की कुल संख्या 22 हो गई थी। इनमें 15 वयस्क और 5 शावक शामिल थे। रविवार को एक नर शावक की मौत हो जाने से अब तेंदुओं की संख्या घटकर 21 हो गई है। इनमें 13 नर और आठ मादा हैं। सफारी में अभी चार अन्य और शावक विशेष देखरेख में रखे गए हैं। जिनको रेस्क्यू कर लाया गया था और वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं।