लंबे इंतजार के बाद इटावा सफारी को आठ शेर मिल गए हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री ने सफारी के डायरेक्टर को शेर उत्तर प्रदेश को देने के प्रमाणपत्र सौंप दिए हैं। फिलहाल शेर गुजरात में ही रहेंगे और पहली बारिश के बाद सफारी लाए जाएंगे।
इटावा सफारी में गुजरात से शेर लाने की प्रक्रिया लंबे समय से चल रही थी। इसके लिए कई बार लिखापढ़ी की गई। कभी मौसम की मार तो कभी अन्य तकनीकी दिक्कतें आड़े आ जाती थीं। दिक्कतें दूर करने के बार सफारी के डायरेक्टर विनोद कृष्ण सिंह और गोरखपुर चिड़ियाघर के प्रभारी एनके जानू की अगुवाई में एक दल दो दिन पहले गुजरात गया था।
वहां औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने उत्तर प्रदेश को आठ शेर देने का प्रमाणपत्र डायरेक्टर को सौंपा। सफारी के डायरेक्टर वीके सिंह ने बताया कि हमें आठ शेर मिल गए हैं। अभी गर्मी अधिक पड़ रही है। इसलिए शेर अभी गुजरात में ही रहेंगे।
उनकी देखभाल के लिए सफारी के चार कर्मचारियों को लगाया गया है। पहली बारिश होने के बाद मौसम कुछ ठंडा हो जाएगा। इसके बाद सभी आठ शेर सफारी आ जाएंगे। उन्होंने बताया कि इसमें दो-तीन शेर गोरखपुर के चिड़ियाघर में जाने हैं। अभी वहां के चिड़ियाघर का काम अधूरा है। काम पूरा होने तक सभी शेर सफारी में ही रहेंगे।