इटावा जिले में विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट कुमार प्रशांत ने अनुसूचित जाति के वृद्ध की हत्या के मामले में दोषी छह लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। घटना आठ साल पहले भरथना के नगला पछाय गांव में हुई थी। कोर्ट ने दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता शिवकुमार शुक्ला ने बताया कि भरथना थानाक्षेत्र के गांव नगला पछाय निवासी रामकिशोर ने भरथना थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि आठ मार्च 2014 की रात करीब आठ बजे वह भाई अजय, पिता जसराम और मां रामकांती के साथ घर पर थे।
उसका भाई अजय कुमार पढ़ाई कर रहा था, तभी गांव के राजेंद्र सिंह यादव, मिथलेश कुमार यादव, छोटे लाल, मोहन लाल, जयवीर यादव व दुर्वेंद्र सिंह यादव आए और गालीगलौज करने लगे। सभी के पास राइफल व तमंचे थे। जातिसूचक गालियां देने का उसने व भाई ने विरोध किया तो दुर्वेद्र सिंह ने उसके पिता जसराम (50) को गोली मार दी।
वह जमीन पर गिर पडे़। इसके बाद आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली उसके भाई की कमर के नीचे लगी। उसके पिता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका जिला अस्पताल में इलाज हुआ था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच की।
पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बाद में पुलिस ने राजेंद्र, मिथलेश व दुर्वेंद्र को रिमांड पर लेकर उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा व राइफल बरामद की। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी कोर्ट में हुई। जिला शासकीय अधिवक्ता की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने सभी को दोषी पाया और सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर एक-एक साल के अतिरिक्त कारावास का प्रावधान है।