60 से 70 लाख का सामान जलने का अनुमान
सत्यप्रकाश के अनुसार, करीब डेढ़ हजार गेहूं से भरे कट्टे जिनकी कीमत लगभग 25-30 लाख रुपये है। ढाई लाख खाली बोरे, बारदाना, मोटरें आदि समेत लगभग 60 से 70 लाख का सामान जलने का अनुमान है। सूचना पर सीओ आयुषी सिंह, तहसीलदार नेहा सचान और प्रभारी निरीक्षक राम सहाय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए।
लिंटर पड़ने का चल रहा था काम
अधिकारियों को पूछताछ में सत्यप्रकाश ने बताया कि इस आटा मिल में ''धरती पुत्र'' ब्रांड के नाम से आटा की पैकिंग होती है। यहां 12 से अधिक लोग कार्यरत हैं। बताया कि मिल के एक हिस्से में लिंटर पड़ने का काम चलने की वजह से मिल में काम नहीं चल रहा था। मंगलवार सुबह अचानक आग लग गई।
खराब रास्ते में फंसी दमकल की गाड़ी
पीड़ित सत्यप्रकाश ने बताया कि उनकी फैक्ट्री तक आने वाला रास्ता कच्चा और गड्ढ़ा युक्त है। आग लगने की सूचना पर दमकल की गाड़ी आ तो गई थी, लेकिन कच्ची सड़क में बारिश के बीच एक गाड़ी फंस गई। ऐसे में उसे आने में ही बहुत देर लग गई। यदि सड़क सही होती, तो दमकल की एक गाड़ी सबसे पहले आ जाती और नुकसान कम होता।