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जो जेपी को बेच सकते हैं, उनसे किसी भलाई की उम्मीद नहीं
जिस जेपी की तस्वीर रखकर कभी भाजपा ने अपने गठन के समय खुद को समाजवादी होने का ढोंग किया था, आज वही लोग उन्हें बेच रहे हैं। जो जेपी को बेच सकते हैं, उनसे किसी भलाई की उम्मीद नहीं की जा सकती। महंगाई पर घेरते हुए अखिलेश ने कहा कि जहां एक तरफ चीनी के दाम आसमान छू रहे हैं( वहीं पेट्रोल में एथेनॉल मिलाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक सोची-समझी रणनीति के तहत चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाकर उनसे चंदा वसूलने के लिए ये सब किया जा रहा है।
महंगाई और फीके पड़े त्योहार
पेट्रोल-डीजल और अन्य जरूरी सामानों के महंगे होने से बाजारों से रौनक गायब है और त्योहार फीके पड़ गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार खुद मुनाफा कमाने में जुटी है और उद्योगपतियों को खुली छूट देकर मुनाफे का बंटवारा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा बड़ी कंपनियों के साथ किए जा रहे एमओयू (समझौता ज्ञापनों) पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे समझौते किए जा रहे हैं, जिससे किसानों के हाथ से खेती छिन जाएगी।
भाजपा सरकार शिक्षा को बढ़ावा नहीं देना चाहती
जो तीन काले कानून सरकार वापस लेने का नाटक करती है, वे आज भी किसी न किसी रूप में लागू किए जा रहे। सैफई और लखनऊ में स्वीकृत नए प्राइमरी स्कूलों के निर्माण कार्य को बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा को बढ़ावा नहीं देना चाहती। उन्होंने कहा कि सामंतवादी और वर्चस्ववादी सोच रखने वाले लोग नहीं चाहते कि गरीब का बच्चा पढ़े-लिखे, क्योंकि पढ़ा-लिखा गरीब सरकार से सवाल करने की ताकत रखता है और भाजपा के लोग सवालों से घबराते हैं।
नेपाल त्रासदी पर कही ये बात
वहीं, अखिलेश यादव ने कहा कि हमारे मित्र पड़ोसी देश में एक बड़ी घटना हुई है। इसकी सही वजह का पता वैज्ञानिक तरीके से लगाना होगा। यह भूकंप के कारण हो सकता है, या बर्फ का एक बड़ा टुकड़ा नदी में गिरने और अस्थायी रुकावट पैदा करने के बाद, बर्फ के अचानक पिघलने और पानी के तेज़ बहाव के कारण भी हो सकता है।