यह दृश्य देखकर लोगों की आंखें नम हो गईं। बेटे विनोद ने बताया कि उनकी मां और पिताजी में बहुत प्रेम था। दोनों में लड़ाई-झगड़ा या मनमुटाव शायद ही कभी होता था। उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा है कि उनके सिर से माता-पिता का साया एक ही साथ उठ गया। मृतक दंपति के तीन पुत्र विनोद, प्रमोद, राजू व दो पुत्रियां सुनीता और संगीता हैं। नाती नातिन से भरा पूरा परिवार है। गांव में चर्चा है कि साथ जीने-मरने की कसम को निभाने की कहानी सुनी तो थी लेकिन अब देखने को भी मिली है। जो पूरे पंचायत के साथ आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय है। पति-पत्नी की मौत की जानकारी मिलने पर पूर्व सांसद रघुराज सिंह शाक्य, ग्राम प्रधान बीरेन्द्र वघेल, पूर्व प्रधान शिशुपाल, रामकरन सिंह, आदि के अलावा बड़ी संख्या में आसपास के लोग अंतिम संस्कार में शामिल हुए।