कानपुर देहात। इटावा से बिंदकी तक प्रस्तावित रेलवे लाइन को जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। रेलवे सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य से पुखरायां में रविवार को राष्ट्रपति ने इस बाबत जानकारी ली थी। इस रेल लाइन से पांच जिलों को फायदा होगा। इसमें राष्ट्रपति की कर्मस्थली कहे जाने वाले पुखरायां व घाटमपुर को जंक्शन बनाया जाना प्रस्तावित है।
पुखरायां में सतीश चंद्र मिश्रा के घर मुलाकात करने के दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रेलवे सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य शेख मोहम्मद को अलग बुलाकर करीब पांच मिनट बात की थी। राष्ट्रपति ने मंच से अपने करीबियों में शेख मोहम्मद का नाम लिया था। राष्ट्रपति ने वर्ष 2014 में पुखरायां में ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर धरना दिया था। साथ ही पुखरायां कर्मस्थली होने की वजह से वह हमेशा यहां के विकास के लिए चिंतित रहे हैं।
रविवार को पुखरायां आने पर उन्होंने रेलवे के जानकार शेख मोहम्मद को याद किया। साथ ही पुराने प्रस्ताव व मांग पत्रों के बाबत जानकारी ली। शेख मोहम्मद ने उन्हें बताया कि इटावा से औरैया, सिकंदरा, सट्टी, पुखरायां, घाटमपुर होते हुए बिंदकी तक जाने वाली रेलवे लाइन का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड में लंबित है। जिसे स्वीकृत कराने की जरूरत है। इसकी स्वीकृति मिलने से इटावा, औरैया, कानपुर नगर व कानपुर देहात, फतेहपुर समेेत पांच जिलों को लाभ होगा। पुखरायां व घाटमपुर को जंक्शन बनाने का प्रस्ताव भी रेलवे बोर्ड के पास है। राष्ट्रपति ने रेलवे सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य से पूरी बात समझने के बाद रेलवे बोर्ड से बात करके प्रस्ताव पर स्वीकृत कराने की बात कही।