इटावा। नगर पालिका परिषद को संविदा कर्मचारियों के ईपीएफ की धनराशि ईपीएफ खातों में जमा न करना भारी पड़ गया। ईपीएफ कानपुर कार्यालय के रिकवरी ऑफीसर ने कर्मचारियों के ईपीएफ की धनराशि वसूली के लिए नगर पालिका के विरुद्ध दो करोड़ 18 लाख 85 हजार 293 रुपये की रिकवरी जारी कर दी है। अब यह धनराशि नगर पालिका के खातों से वसूली कर कर्मचारियों के खातों में जमा की जाएगी। इस आदेश के आते ही नगर पालिका कार्यालय में खलबली मच गई। हालांकि कर्मचारियों ने इस आदेश पर खुशी जताई है।
वर्ष 2011 से 2018 तक नगर पालिका कार्यालय में कार्यरत 118 संविदा कर्मचारियों के मानदेय से नगर पालिका को ईपीएफ में जमा करने के लिए एक निश्चित धनराशि की कटौती करनी थी। नियमानुसार जितनी धनराशि नियोक्ता जमा करता है उतनी ही धनराशि सरकार उनके खातों में प्रतिमाह जमा करती है।
इन वर्षों में नगर पालिका ने कर्मचारियों के मानदेय से न तो ईपीएफ की कटौती की और न ही ईपीएफ खातों में जमा किया। इस मामले को लेकर कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन किया। धरना प्रदर्शन भी हुए। नगर पालिका ने जब इस बाबत कोई निर्णय नहीं लिया तो कर्मचारियों की ओर से ईपीएफ कार्यालय कानपुर में शिकायत की गई। ईपीएफ कार्यालय से पूरे मामले की अभिलेखीय जांच की गई। इसके बाद ईपीएफ कार्यालय ने नगर पालिका के खातों से 118 संविदा कर्मचारियों के ईपीएफ खातों में जमा की जाने वाली धनराशि की वसूली के आदेश जारी कर दिए। नगर पालिका को 12885293 रुपये की भरपाई करनी होगी।
संविदा कर्मियों के पीएफ को लेकर मामला है। कर्मचारियों का वर्ष 2011 से 2018 तक पीएफ नहीं कटा था। इसी को जमा करने के लिए पत्र जारी किया गया है। 2018 के बाद कर्मचारियों का विधिवत पीएफ जमा हो रहा है। जो पत्र मिला है उसके सापेक्ष कार्रवाई की जा रही है।