यूपी के हमीरपुर जिले में एक ऐसा प्राचीन मंदिर है जहां महिलाओं के प्रवेश पर आज भी पाबंदी है। यह मंदिर ग्रामीणों की आस्था का बड़ा केंद्र है। पिछले दिनों जुलाई महीने में भाजपा महिला विधायक जब इस मंदिर में माथा टेकने पहुंची थीं तो काफी हंगामा मचा था।
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महिलाएं अंदर चली गईं तो ध्रूम ऋषि के कोप भाजन बनना पड़ता
हमीरपुर मुस्करा खुर्द गांव में सैकड़ों साल पुराना ध्रूम ऋषि का मंदिर हैं। जहां पर दर्जनों गांवों के ग्रामीणों की आस्था जुड़़ी है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मंदिर के अंदर महिलाओं और कन्याओं का जाना पुरातन काल से पूर्णतया वर्जित है। ग्रामीणों के अनुसार ध्रूम ऋषि पांडवों के गुरू बताए गए हैं।
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महिलाएं अंदर चली गईं तो ध्रूम ऋषि के कोप भाजन बनना पड़ता
गांव के 74 वर्षीय प्रभुदयाल का कहना था कि अज्ञातवास के समय पांडव यहां आए थे और ध्रूम ऋषि ने उन्हें राजा विराट की नगरी में अज्ञातवास गुजारने की बात कही थी। जो उन्होंने अपने पूर्वजों से सुना है। गांव के ध्रूम ऋषि के मंदिर को ग्रामीण आस्था का केंद्र मानते हैं। गांव के महेश मिश्रा का कहना है कि ध्रूम ऋषि की कृपा से ही इस क्षेत्र में बारिश होती है।
मान्यता
मान्यता है कि इस मंदिर में हर मुराद अवश्य पूरी होती है। आश्रम के अंदर महिलाओं का प्रवेश घोर वर्जित है, जिसके चलते महिलाएं बाहर से ही मन्नतें मांगती हैं। ग्रामीणों की माने तो यदि आश्रम में महिलाएं अंदर चली गईं तो ध्रूम ऋषि के कोप भाजन बनना पड़ता है।