कानपुर। अधिवक्ता अखिलेश दुबे का साथी और रंगदारी व डकैती मामले में फरार चल रहा कर्मचारी नेता भूपेश अवस्थी अब कोर्ट में आत्मसमर्पण करने की फिराक में है। भूपेश की ओर से कोर्ट में अर्जी देकर रिपोर्ट मंगाए जाने की मांग की गई थी। इस पर पुलिस ने भी रिपोर्ट भेजकर उसे वांछित बताते हुए उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने की बात कही है।
क्लासिक होटल की मालकिन रहीं प्रज्ञा त्रिवेदी द्वारा जूही थाने में 14 साल पहले अजय निगम व अज्ञात लोगों पर अशलीलता, रंगदारी, डकैती आदि के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी लेकिन एफआर लग गई थी। कोर्ट के आदेश पर हुई अग्रिम विवेचना में अजय निगम के अलावा जूही लाल काॅलोनी निवासी अनुज निगम, अधिवक्ता अखिलेश दुबे, कर्मचारी नेता भूपेश अवस्थी, उसके अधिवक्ता पुत्र रोहित अवस्थी और तीन-चार अज्ञात लोगों के नाम सामने आए हैं। अखिलेश जेल में बंद है जबकि बाकी लोगों के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी कर रखा है।
रोहित अवस्थी की ओर से कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की गई है। गिरफ्तारी से राहत न मिल पाने और बचाव का कोई रास्ता नजर न आने पर अब भूपेश अवस्थी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण करने का मन बनाया है। भूपेश की ओर से अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रथम की अदालत में अर्जी देकर कहा कि अखबारों से उसे वारंट की जानकारी हुई है। उसके खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं है अगर उसके खिलाफ पुलिस के पास कोई सबूत हैं तो वह कोर्ट में समर्पण करना चाहता है। कोर्ट ने पुलिस से रिपोर्ट मंगाई तो एसीपी नौबस्ता चित्रांशु गौतम की रिपोर्ट में भूपेश को वांछित बताते हुए उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी होने की बात कही है। अब भूपेश के समर्पण के कयास लगाए जा रहे हैं।
अखिलेश व रोहित की अर्जियों पर सुनवाई 13 को
प्रज्ञा द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में जेल में बंद अखिलेश दुबे की ओर से जिला जज की अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की गई है। वहीं अधिवक्ता रोहित अवस्थी की ओर से गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की गई है। सोमवार को कोर्ट में सुनवाई होनी थी लेकिन दोनों की ओर से अधिवक्ताओं ने बहस के लिए समय की मांग की जिस पर कोर्ट ने 13 नवंबर की तारीख तय कर दी।