अर्मापुर थाना क्षेत्र स्थित ओएफसी (आर्डनेंस फैक्टरी, कानपुर) में सूदखोरों से तंग आकर एक कर्मी ने फांसी लगा ली। सोमवार सुबह उसका शव परिसर में लगे पीपल के पेड़ से लटकता मिला। मौके से पुलिस को सुसाइड नोट नहीं मिला। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
मूलरूप से फतेहपुर खागा निवासी रविशंकर (45) अर्मापुर स्टेट स्थित सरकारी आवास में पत्नी ज्योति और दो बेटियों गुनगुन (3) और परी (छह माह) के साथ रहते थे। वह ओएफसी में सेल मशीन नंबर दो में इनग्रेवर (तोप की बैरल पर स्टांप लगाना) के पद पर तैनात थे।
पत्नी ज्योति के मुताबिक शनिवार को रविशंकर घर से निकले थे। देर रात तक वह घर नहीं लौटे। इसकी जानकारी फतेहपुर आरटीओ कार्यालय में तैनात भाई विनोद को दी। तब से वह रविशंकर की खोजबीन कर रहे थे। इसकी सूचना उन्होंने पुलिस को नहीं दी थी।
इधर सोमवार सुबह फैक्टरी कर्मी जब सेल नंबर दो की ओर पहुंचे तो पीपल के पेड़ से रविशंकर का शव लटका देखकर आलाधिकारियों को जानकारी दी। कुछ ही देर बाद मौके पर पहुंची अर्मापुर पुलिस व फोरेंसिक टीम ने जांच पड़ताल की। अर्मापुर इंस्पेक्टर अजीत वर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि शिवशंकर की मौत हैंगिंग से हुई है।
नशे का लती था, ले रखा था कर्ज
परिजनों ने बताया कि रविशंकर शराब का लती था। सूदखोरों से उसने कर्जा ले रखा था। वसूली के लिए आए दिन सूदखोर आते थे। रविशंकर कर्जा नहीं चुका पा रहा है। ऐसे में पुलिस को आशंका है सूदखोरों से तंग आकर ही उसने खुदकुशी की। हालांकि अभी तक परिजनों ने तहरीर नहीं दी है। इंस्पेक्टर ने बताया कि तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
फैक्टरी कब पहुंचा, जानकारी नहीं
इंस्पेक्टर ने बताया कि रविशंकर के परिजनों के मुताबिक शुक्रवार को वह काम पर गया था। शनिवार को छुट्टी थी। ऐसे में पुलिस समझ नहीं पा रही है कि आखिर वह फैक्टरी में कब और कैसे दाखिल हुआ। इस बाबत पुलिस ने फैक्टरी प्रशासन से भी जानकारी मांगी है।