गुरसहायगंज। आलू का उचित मूल्य न मिलने से किसान परेशान हैं। उत्पाद का एक हिस्सा आलू आधारित उत्पाद तैयार करने में लगाया जाए, तो किसानों को उपज का बेहतर मूल्य मिल सकता है। तालग्राम विकास खण्ड की ग्राम पंचायत तेरा रब्बू में खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधीन राजकीय फल संरक्षण केंद्र की ओर से दो दिवसीय मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण कार्यक्रम का आयोजन गुरुवार को किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम प्रधान रूबी चतुर्वेदी के पति प्रवीण चतुर्वेदी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम आयोजक एवं राजकीय फल संरक्षण केंद्र प्रभारी कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद दो लाख रुपये तक की यूनिट स्थापित करने पर एक लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। डीआरपी शिवम त्रिपाठी लाभार्थियों का प्रस्ताव तैयार कर बैंक को भेजेंगे। बैंक ऋण और विभागीय सब्सिडी के माध्यम से उद्यम स्थापना में सहयोग किया जाएगा। उन्होंने आलू से विभिन्न उत्पाद बनाने, मूल्यवर्धन, खाद्य प्रसंस्करण की विधियों और उत्पाद की गुणवत्ता की जानकारी दी।
खाद्य सुरक्षा मानकों के साथ बैंक ऋण के लिए आवश्यक अभिलेख और सिबिल स्कोर की प्रक्रिया भी समझाई। उन्होंने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना तथा उद्यान विभाग की योजनाओं की जानकारी दी। पर ड्रॉप मोर क्रॉप के तहत टपक सिंचाई पर मिलने वाले 90 प्रतिशत तक अनुदान की जानकारी भी दी गई।इस अवसर पर सावरकर फाउंडेशन के डॉ. सचिन द्विवेदी, अध्यक्ष अमित कुमार और संदीप कुमार चतुर्वेदी मौजूद रहे। प्रशिक्षण के दूसरे दिन सभी 30 लाभार्थियों को प्रमाणपत्र वितरित किए जाएंगे।
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