कानपुर देहात। जिले की महिलाओं को समूह से जोड़कर कारोबार शुरू करते हुए आत्मनिर्भर बनाने के काम में एनआरएलएम विभाग ने तेजी से काम शुरू कर दिया है। इसे लेकर उपायुक्त हर दिन डीएमएम से कार्य प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। साथ ही समूह से जुड़ने वाली महिलाओं को उनके कौशल के अनुसार प्रशिक्षण देकर कारोबार शुरू करने को प्रेरित किया जा रहा है।
ग्रामीण आजीविका मिशन की तहत जिले में नौ हजार स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इससे जुड़ी करीब एक लाख से अधिक महिलाओं को कारोबार शुरू करने के लिए प्रशिक्षित कर बैंक से ऋण उपलब्ध कराया गया है।
जिससे वह स्व रोजगार कर आत्मनिर्भर बन सके। शासन से एनआरएलएम विभाग को चालू वित्तीय वर्ष में 5563 नए समूह तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है। विभाग ने इसके सापेक्ष मात्र 147 समूह की बना सका। बीते दिनों मुख्य विकास अधिकारी की समीक्षा में जानकारी होने पर डीएमएम को प्रतिदिन समूह तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है। इसके बाद जिम्मेदारों ने ग्राम पंचायतों में दौड़-भाग तेज कर दी है।
उपायुक्त एनआरएलएम गंगाराम वर्मा ने बताया कि सभी डीएमएम को ब्लॉक आवंटित करते हुए प्रतिदिन के हिसाब से समूह तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है। इसे लेकर प्रतिदिन कार्य प्रगति की समीक्षा की जा रही है। इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को योजनाओं का लाभ देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
नए समूह से जुड़ने वाली महिलाओं को उनकी योग्यता व कौशल के अनुसार आरसेटी से प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही रोजगार शुरू करने के लिए सीसीएल के माध्यम से 1.5 लाख रुपये व मुख्यमंत्री युवा उद्यम योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा।