आम का बगीचा। अच्छी सजावट और खाने-पीने का विशेष इंतजाम। भारतीय गीत-संगीत की मस्ती। छोटे-बड़े सब एक साथ डांस करके तालियां बजा रहे। मानो ऐसी मस्ती लंबे समय बाद कर रहे हैं। अमेरिका में पले-बढ़े बच्चे पेड़ पर चढ़कर ऐसे मस्त थे, जैसे झूला झूल रहे हैं।
जी हां! यह नजारा शुक्रवार को आईआईटी कैंपस में देखने को मिला। मौका था 1990 बैच के स्टूडेंट्स के एलमनाइ मीट (पूर्व छात्र सम्मेलन) का। इसमें 25 साल बाद हिस्सा लेने वाले आईआईटियंस और उनके परिवार ने खूब मौज-मस्ती की।
एक दूसरे का अनुभव साझा किया और कहा कि पढ़ाई के वो दिन भूलते ही नहीं। जब हॉस्टल के दोस्त मिलकर कहीं जाते और एक साथ मस्ती करके देर रात तक आते। खाना पीना और पढ़ना सब कुछ एक साथ चलता। पढ़ाई के बाद बिछड़े और अब जाकर मिले हैं।
आईआईटी की एलमनाइ मीट का उद्घाटन शुक्रवार को निदेशक प्रो. इंद्रनील मन्ना ने किया। साथ ही कहा कि पूर्व छात्र आईआईटी की शान हैं। उन्होंने दुनिया में संस्थान का नाम रोशन कर रखा है। इस संस्थान को संजोने और सहेजने का काम पूर्व छात्र बखूबी कर रहे हैं।
उद्घाटन के बाद 1990 बैच के 120 आईआईटियंस एक दूसरे से गले मिले। तमाम मित्र ऐसे रहे, जो कि 25 साल बाद एक दूसरे से मिले और भावुक होकर आंसू बहाने लगे। कुछ देर बाद माहौल हल्का हुआ और हंसी, ठहाकों का दौर शुरू हो गया।
कुछ आईआईटियंस ने एक दूसरे की पोल खोलनी शुरू कर दी। कहा कि बैच की लड़कियों को देखकर वो मुस्कुराते थे और कुछ छींटाकशी पर उतर आते। आईआईटियंस अपने परिवार (करीब 300 लोग) के साथ हॉस्टल गए, जहां कि रहकर बीटेक की पढ़ाई की है।
मेस और लेक्चर थियेटर भी देखा। साथ ही अपने परिवार को आईआईटी की खासियत बताई। एसेंचर में काम करने विनय गुलाटी अपनी साथ पत्नी कविता गुलाटी, बेटी अनुपमा के साथ अमेरिका से आए हैं।
उन्होंने पत्नी और बेटी से पुरानी यादें शेयर कीं। बताया कि इसी लेक्चर हॉल कांप्लेक्स में बैठकर कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। विनय की मुलाकात 25 साल पुराने यार प्रवीन भल्ला से हुई तो दोनों एक दूसरे को गले लगा बैठे।
इससे पहले आईआईटियंस और उनके परिवार ने आउटरिच में आईआईटी ब्रांड (नाम लिखा) के कपड़े, बैग खरीदे और उसे पहनकर पुरानी यादें ताजा कीं। आईआइटियंस ने ग्रुप फोटोग्राफी की कराई है।
मुंबई से आए हिमांशु तिवारी और विदेशी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर डॉ. संजीव अरोड़ा ने भी पुराने दिनों की यारी, मस्ती को अपने अंदाज में बयां किया। इसी बैच के स्टूडेंट और आईआईटी के चीफ इंजीनियर नवप्रीत सिंह ने इंट्रोडक्शन सेशन का आयोजन किया। 1990 बैच का जो स्टूडेंट इंट्रोडक्शन देने आया, वह अलग अंदाज में दिखा।
किसी ने आदाब अर्ज करके परिचय दिया तो किसी ने नमस्ते, सतश्री अकाल बोला। इससे पहले पूर्व छात्रों ने वर्तमान छात्रों से भी मुलाकात की। सबने कहा कि देश, समाज के लिए कुछ करने के इरादे से आगे बढ़ें।
जॉब डिमांडर के बजाय जॉब क्रिएटर बनें तो ज्यादा अच्छा रहेगा।
आईआईटियंस को मोदी से उम्मीद
वीजा नियमों में ढील सहित अमेरिकी नागरिकों को तमाम सुविधाएं देने पर आईआईटियंस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा किया है। विनय ने कहा कि भारत का विकास तेजी से होगा। प्रधानमंत्री का विजन अच्छा है।
वह जापान, अमेरिका, चायना से सामंजस्य बनाकर आगे बढ़ रहे हैं। बुलेट ट्रेन चलाने की बात कह रहे हैं, जो कि संभव है। इसमें अमेरिका, जापान बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने को तैयार है।
इसी तरह और भी आईआईटियंस ने प्रधानमंत्री की कार्यशैली और विजन की तारीफ की है।