कानपुर देहात। गरज-चमक के साथ गुरुवार शाम को हुई बारिश से जिले की बिजली आपूर्ति बेपटरी हो गई थी। करीब 500 गांवों और रूरा व रसूलाबाद नगरीय क्षेत्र में पूरी रात बिजली गुल रही। रात में बूंदाबांदी के बीच लोग छतों पर भी नहीं जा सके। घर के अंदर उमस से जागते रात कटी। सुबह पेयजल किल्लत भी रही।
शुक्रवार को भी पूरे दिन लाइनों की मरम्मत में बिजली कर्मी लगे रहे। तब कहीं जाकर शाम को गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकी। रसूलाबाद नगर उपकेंद्र की 33 केवी लाइन करीब 20 घंटे बाद बहाल की जा सकी। पूरी रात 13 वार्ड के करीब पांच हजार घरों में अंधाकुप्प रहा। करीब 30 हजार आबादी रात में उमस से बेहाल रही।
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33 केवी इंसुलेटर टूटने से 9 घंटे गुल रही बिजली
राजपुर। 33 केवी लाइन का इंसुलेटर शुक्रवार भोर तीन बजे रुरगांव के पास टूट गया। पुखरायां ग्रिड उपकेंद्र से राजपुर उपकेंद्र जुड़ा है। फॉल्ट से राजपुर नगर के अलावा कथरी, बैना, गौरीकरन व भाल फीडर से जुड़े, गणेशपुर, बुढना, खलासपुर, गुबार, पिचौरा, बैना, सलेमपुर, सिलहरा समेत 20 गांव की बिजली गुल रही। सुबह 11 बजे फॉल्ट दुरुस्त किया जा सका। जेई प्रवीण मिश्रा ने बताया कि इंसुलेटर टूटने से करीब 9 घंटे बिजली आपूर्ति ठप रही।
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फोटो-10 फाल्ट ठीक करता लाइनमैन। स्रोत लाइनमैन
फोटो-13 झींझक में फॉल्ट ठीक करते बिजली कर्मी। संवाद
35 गांवों में 15 घंटे बाद आयी बिजली
झींझक। नवीन उपकेंद्र झींझक की 11 केवी लाइन में गुरुवार रात रिमझिम बारिश के दौरान फॉल्ट हो गया। इससे रात करीब 11 बजे उइछा, ताली, नधौवा, कमालपुर, अकारू, गंज, बद्दा पुरवा समेत 35 गांव की बिजली गुल हो गई। पूरी रात बिजली गुल रही। करीब 60 हजार आबादी को परेशानी होना पड़ा। पेट्रोलिंग में उईछा व बद्दापुरवा गांव के पास फॉल्ट मिला। इसे दुरुस्त कर शुक्रवार दोपहर दो बजे बिजली आपूर्ति बहाल की गई। जेई झींझक हरी प्रकाश ने बताया कि दोहरे फॉल्ट की वजह से रात में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की जा सकी। (संवाद)
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बिजली गिरने से फुंके इंसुलेटर, जागते कटी रात
रूरा। बारिश व गरज चमक के दौरान गुरुवार शाम करीब 4 बजे बिजली गिरने से बरौला व अकबपुर में 33 केवी लाइन के इंसुलेटर फट गए। इससे रूरा नगर व 84 गांवों के करीब 18 हजार घरों की बिजली गुल हो गई। रात में बिजली कर्मियों ने पेट्रोलिंग की। बारिश होने की वजह से फॉल्ट दुरुस्त करने में समय अधिक लग गया। देर रात 2:30 बजे ट्राई ली गई। मगर 11 केवी में फॉल्ट से बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। रुक रुक कर बारिश होने से लोग छतों पर नहीं जा सके। उमस से पूरी रात जागते कटी। शुक्रवार सुबह करीब 4:30 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। इसके बाद भी पूरे दिन ट्रिपिंग होती रही। जेई नीतिल उपाध्याय ने बताया कि रात में उपकेंद्र बहाल हो गया था लेकिन नगर में 11केवी लाइन में स्टेशन के पास फाल्ट की वजह से बिजली गुल रही। (संवाद)
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12 घंटे गुल रही 10 गांवों की बिजली
संदलपुर। बारिश के दौरान तारों पर पेड़ की टहनियां ओने से बहबलपुर फीडर के दस गांवों की बिजली बारह घंटे गुल रही। गुरुवार की रात करीब 8 बजे बहबलपुर, सुमगढा, मनकापुर व हवासपुर हरपुरा, धौकलपुरवा, गढ़िया सिंकदरा, मनकापुर, हवासपुर, जरिहा समेत दस गांवों की बिजली गुल हो गई। पूरी रात लोग सो नहीं सके। करवट बदलते रात कटी। शुक्रवार सुबह 8 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। जेई सुभाष चंद्र ने बताया कि पेड़ की टहनी तारों पर आने से बिजली गुल रही। (संवाद)
16 घंटे ठप रहे बरौर व मुतैहरापुर उपकेंद्र
फोटो -14 पुखरायां जीजीआईसी रोड ट्रांसफार्मर में फाल्ट ठीक करते विद्युत कर्मी। संवाद
पुखरायां। गुरुवार की शाम बारिश होते ही नगर की बिजली लाइनों में जगह-जगह फाॅल्ट होने से बिजली गुल रही। बरौर व मुतैहरापुर उपकेंद्र करीब 16 घंटे ठप रहे। गुरुवार शाम 6 बजे बारिश शुरू हुई तो बिजली दगा दे गइ्र। सुखाई तालाब फीडर, जीजीआईसी रोड गांधी नगर में रखे ट्रांसफार्मर में फाॅल्ट हो गया। हालाकि दो घंटे बाद बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकी। इधर बरौर व मुतैहरापुर उपकेंद्र की 33 केवी लाइन में फॉल्ट रात में दुरुस्त नहीं हो सका। करीब 80 गांवों के लोग पूरी रात उमस से बेहाल रहे। सुबह करीब 10 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। जुई प्रमोद कुमार ने बताया कि बारिश लगातार होने से फाॅल्ट ठीक करने में समय लगा।
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कहां कितने घंटे बाद बहाल हुए उपकेंद्र
उपकेेंद्र - बहाल हुई 33केवी लाइन
रसूलाबाद - 20 घंटे
बरौर -16 घंटे
मुतैहरापुर -16 घंटे
रूरा - 11:30 घंटे
मैथा - 8 घंटे
शोभन - 8 घंटे
अकबरपुर - 6 घंटे
ग्रोथ सेंटर - 6 घंटे
बनीपारा - 5 घंटे
रनियां- 1.30 घंटे
रायपुर - 1:30 घंटे