न्यूनतम बिल 100 से 150 यूनिट
50 यूनिट या उससे कम की खपत सिर्फ उन्हीं मकानों में हो सकती है, जिनमें सिर्फ एक कमरा हो और 60 वॉट के एक पंखे और सात-सात वॉट की दो एलईडी का इस्तेमाल किया जा रहा हो। आम तौर पर एक महीने का न्यूनतम बिल 100 से 150 यूनिट का बनता है।
जीरो यूनिट वाले कनेक्शनों में चोरी का शक नहीं
केस्को की टीम को 17 हजार मीटर जीरो यूनिट वाले भी मिले। लेकिन मीटरों की जांच में पता चला कि इनका कनेक्शन कटा हुआ था लेकिन स्थायी विच्छेदन (पीडी) न कराने की वजह से वह केस्को के रिकॉर्ड में चल रहे हैं। बंद मकान का बिल भी महीने में चार से 10 यूनिट तक आ जाता है।
इन सबस्टेशनों में कम खपत वाले कनेक्शन अधिक
चीनापार्क, साइकिल मार्केट, माल रोड, म्योरमिल, चमनगंज, अफीम कोठी, छप्पर मूलमंज, सुजातगंज, दहेली सुजानपुर, बाबूपुरवा, रतनपुर, कल्याणपुर, ग्वालटोली, जीआईसी कर्नलगंज, जरीबचौकी, फूलबाग, बीएस पार्क, विश्वबैंक बर्रा, गोविंदनगर, हंसपुरम, मछरिया, कोयलानगर और परमपुरवा।
एक महीने में चिन्हित मीटरों की रीडिंग
यूनिट मीटरों की संख्या
00 17 हजार
01 से 50 67 हजार
50 से 99 76 हजार
करीब 1600 मकानों की जांच कराई गई है। न्यूनतम बिजली इस्तेमाल करने पर भी 100 से 150 यूनिट का मासिक बिल बनता है। इससे कम यूनिटों का बिल के पीछे की वजह पता करने के लिए जांच हो रही है। रीडिंग स्टोर या मीटर धीमा करने का खेल मिला, तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। -सैमुअल पॉल एन, एमडी, केस्को