कानपुर देहात। जिले में सोमवार शाम को आई आंधी में आठ नगर व 500 गांवों की बिजली गुल हो गई थी। लाइन फॉल्ट दुरुस्त होने पर मंगलवार भोर में नगरों की बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। इधर गांवों में शाम को बिजली आई। इस बीच लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
करीब 50 किमी की रफ्तार से चली आंधी में मेन लाइन ब्रेक डाउन हो गई। कहीं बिजली लाइनों के पोल झुक गए, तो कहीं पोल टूट गए। पेड़ गिरने से भी बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। अकबरपुर, ग्रोथ सेंटर, संदलपुर, डेरापुर, कहिंजरी, शिवली, रूरा, बनीपारा, सरवनखेड़ा, गजनेर, मुतैहरापुर, सरायं समेत बीस उपकेंद्र ठप हो गए। इनसे जुड़े रूरा, अकबरपुर, रनियां, डेरापुर, शिवली व राजपुर समेत आठ नगर व 500 गांव की बिजली गुल हो गई थी।
उपकेंद्रों की मेन लाइन बहाल करने के लिए रात में ही पेट्रोलिंग की गई। सरायं उपकेंद्र के उमरियापुर में 33 केवी लाइन का राउंड पोल गिर गया। इससे उपकेंद्र पूरी रात ठप रहा। मंगलवार दोपहर में पोल को सीधा कराने का काम शुरू हुआ। दोपहर बाद उपकेंद्र से जुड़े 40 गांवों की बिजली बहाल हो सकी। इधर नोनापुर में 11 केवी लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। जबकि मुतैहरापुर उपकेंद्र से जुड़े अकबरनगर में दो पोल टूट गए। मलासा फीडर की बिजली भी दूसरे दिन गुल है। इससे पेयजल की किल्लत भी बनी है। फॉल्ट दूर कर मंगलवार देर रात से लेकर भोर तक नगरीय क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बहाल करा दी गई।
इधर मंगलवार सुबह पेट्रोलिंग के बाद 11 केवी और एलटी लाइनों के फाॅल्ट दुरुस्त किए जा सके। रूरा में देर रात 2 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हुई। 84 गांवों में सुबह 10 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। डेरापुर में रात 12 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हुई। मगर सरगांव, गलुवापुर, निमदापुर, रतनियांपुर फीडर से जुड़े 70 गांवों की बिजली 18 घंटे बाद बहाल हुई। नुनारी व खजुर्रा फीडर से जुड़े 40 गांवों की बिजली शाम को आई।
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तीन जगह टूटे बिजली पोल, 20 गांव की बत्ती गुल
राजपुर। आंधी से सोमवार शाम को बेपटरी हुई 20 गांवों की बिजली आपूर्ति दूसरे दिन मंगलवार शाम को बहाल की जा सकी। राजपुर उपकेंद्र से जुड़े गौरीकरन फीडर के तीन बिजली पोल आंधी में टूट गए। इससे गौरीकरन, कुंवरपुर, मुरुआ, नन्हुवापुर, देवबृहमापुर व देवी समेत 12 गांव व बैना फीडर के ततारपुर गांव के बाहर पेड़ टूटकर हाईटेंशन लाइन पर गिरने से बैना, सलेमपुर, रसूलपुर नैनपुर, सिलहरा, दयानतपुर, डाढापुर, ततारपुर, हरि का पुर्वा समेत 8 गांव की बिजली पूरी रात गुल रही। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे बिजली आई। मगर ट्रिपिंग जारी रही। फॉल्ट दूर कर शाम करीब 5 बजे बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकी।
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आंधी की वजह से कई जगह पोल टूट गए। बिजली लाइनों को दुरुस्त कराकर पहले उपकेंद्र की बिजली बहाल की गई। इसके बाद 11 केवी और एलटी लाइनों के फॉल्ट ठीक किए गए। नगरीय क्षेत्र में मध्य रात्रि के बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो गई थी। कुछ जगह भोर में सुचारू रूप से बिजली दी गई। ग्रामीण क्षेत्र की लाइनों को ठीक कराकर बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकी। - सुमित व्यास, प्रभारी अधीक्षण अभियंता
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24 घंटे बाद बहाल हुई गजनेर सीएचसी की बिजली
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गजनेर की बिजली लाइन का पोल आंधी में टूट गया। पूरी रात सीएचसी की बिजली गुल रही। इधर मंगलवार दोपहर में दूसरा पोल लगाया गया। तब 24 घंटे बाद शाम 5 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. पुनीत पांडेय ने बताया कि रात में इन्वर्टर से काम चलाया गया। मंगलवार शाम को बिजली आपूर्ति बहाल हुई।
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लाइन ठीक न होने पर 200 नलकूप ठप
सरवनखेड़ा। उपकेंद्र के पियासी नलकूप फीडर में आंधी से आए फॉल्ट से 12 से अधिक गांवों के 200 निजी नलकूप ठप हैं। 24 घंटे बीतने के बाद भी निजी नलकूपों की बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। लोगों का कहना है कि बिल्टी, निनायां, भैथाना, मुक्तापुर, सैंथा, गंगागंज, मुर्रा, हिलौठी, आलापुर, भरतपुर पियासी सहित 12 से अधिक गांवों के निजी नलकूप ठप हैं। इस क्षेत्र में बूंदाबांदी होने से जायद की फसलों की सिंचाई की समस्या बनी है। जेई मयंक सिंह राठौर ने बताया कि पेट्रोलिंग कराई जा रही है। फाॅल्ट दूर कर बुधवार निजी नलकूप फीडर की बिजली आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद है। इसी प्रकार डेरापुर ग्रामीण उपकेंद्र से जुड़े निजी नलकूप की क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों को मंगलवार को ठीक नहीं किया जा सका। (संवाद)
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तीन उपकेंद्रों के 100 गांवों की 19 घंटे बाद शुरू हुई बिजली आपूर्ति
फोटो- अहरौली शेख में लाइन काटते विद्युत कर्मी। स्रोत कर्मी
फोटो- टूटे पाल से तार निकालते वि्रुत कर्मी। स्रोत कर्मी
पुखरायां। नगर पालिका से जुड़े गांवों की विद्युत आपूर्ति रात दो बजे तक बहाल हो पाई। उपकेंद्र बरौर, मुतैहरापुर, सिंगरसीपुर से जुड़े 100 गांवों की बिजली आपूर्ति मंगलवार को दोपहर दो बजे बहाल हो सकी। ग्रामीण सूरज कुमार सिंह, गोविंद पाल, नरेश प्रजापति, श्याम तिवारी, संजय सचान, बाल संखवार, नरेंद्र सिंह ने बताया कि शाम पांच बजे के करीब बिजली गुल हुई थी, जो 19 घंटे बाद सुबह 11 बजे के करीब बहाल हो सकी। रात भर बिजली गुल रहने से घरों में लगे इनवर्टर दगा दे गए। सुबह पीने के पानी को लेकर परेशानी उठानी पड़ी। अधिशासी अभियंता आलोक प्रकाश ने बताया कि तेज आंधी आने से जगह लाइन फॉल्ट हो गई थी। मेन लाइन में इंसूलेटर से तार टूटने कई जगह पेड़ टूट कर गिरने से समस्या हुई। जिनको ठीक करने में समय लगा। अधिकांश जगह आपूर्ति चालू हो गई। (संवाद)
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आंधी से आम और जामुन की फसल को हुआ नुकसान
पुखरायां। आंधी से आम और जामुन की फसल को अधिक नुकसान हुआ है। बागवानी कर रहे खिल्लन उपाध्याय, राजकुमार सचान, महेश कुमार, जमाल, वहीद ने बताया कि आंधी में कच्चा आम अधिक गिर गया। इससे काफी नुकसान हुआ है, आम को औने-पौने दामों में बेचना पड़ रहा है। वहीं बताया कि जामुन की बौर आई है। जिसमें छोटी-छोटी जामुन लगनी शुरू हुई हैं। आंधी से जामुन को भी नुकसान हुआ है। (संवाद)