उन्नाव जिले से सटे बालामऊ व ऊंचाहार रेलमार्ग पर जल्द ही इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ेंगे। उत्तर रेलवे ने विद्युतीकरण और ट्रैक दोहरीकरण का कार्य तेज कर दिया है। उन्नाव-बीघापुर और रायबरेली से ऊंचाहार तक के सेक्शन में कार्य चल रहे हैं। डीआरएम सतीश कुमार ने बताया कि ट्रैक दोहरीकरण का कार्य उन्नाव से फाफामऊ तक होना है। यात्रियों के सफर को सुगम बनाने के लिए कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं।
कानपुर-लखनऊ रेलमार्ग पर सिंगल ट्रैक होने की वजह से उन्नाव से प्रयागराज का सफर यात्रियों के लिए ऊंचाहार तक तकलीफदेह होता है। सिंगल ट्रैक की वजह से सफर में ज्यादा समय भी लगता है। ट्रेनें सीमित होने से यात्री ऊंचाहार व प्रयागराज के लिए कानपुर सेंट्रल की ओर रुख करते हैं। काम पूरा कराने के लिए उप मुख्य विद्युत अभियंता आरके द्विवेदी को निर्देशित किया गया है।
उन्नाव से बालामऊ और सीतापुर के बीच का कार्य इस सेक्शन का काम पूरा होते ही शुरू हो जाएगा। रेल बजट 2018 में ट्रैक व विद्युतीकरण योजना को मंजूरी मिली थी। उन्नाव से प्रयागराज जाने वाले यात्रियों के सफर को सुगम बनाने के लिए उत्तर रेलवे ने उन्नाव से फाफामऊ (प्रयाग से छह किमी दूर) के बीच अप्रैल 2018 में काम शुरू कराया था। सिंगल ट्रैक और ओएचई न होने के चलते डीजल इंजन से ट्रेन 80 किमी प्रतिघंटा से चलती हैं। जबकि इलेक्ट्रिक इंजन से रफ्तार 110 किमी प्रतिघंटा हो जाएगी।