झांसी-प्रयागराज- जबलपुर रेलमार्ग के चित्रकूटधाम रेलवे स्टेशन में अचानक इलेक्ट्रिक रेल लाइन की तार टूटने से हड़कंप मच गया। प्लेटफार्म नंबर एक से दो व तीन पर जाने के लिए बने फुट ओवरब्रिज में करंट फैल गया लेकिन आटोकट प्रणाली के चलते कुछ ही सेकेंड में विद्युत प्रवाह बंद हो गया। ट्रेनों का आवागमन रोक दिया गया, जिससे दोनों रूटों की ट्रेनों का आवागमन थम गया।
आनन-फानन आरपीएफ व जीआरपी ने यात्रियों को रोक दिया। गनीमत रही कि मामला बुधवार की सुबह लगभग साढे़ तीन बजे का होने के कारण फुट ओवरब्रिज में कोई नहीं था। तार टूटने के समय कोई ट्रेन भी रेल पटरी पर नहीं थी।
लंबे इंतजार के बाद इस रूट पर तीन माह पहले ही शुुरूहुई इलेक्ट्रिक रेल सेवा के लिए लगाई गई विद्युत लाइन अचानक टूट गई। जिससे एक तार फुट ओवरब्रिज से छू गया। दूसरे ओर का तार ट्रैक पर जा गिरा। हालांकि इस दौरान ब्रिज में कोई यात्री मौजूद नहीं था।
जिससे कोई हताहत नहीं हुआ। आटोकट प्रणाली होने के चलते विद्युत प्रवाह कुछ ही सेकेंड में ठप हो गया। स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई। पूरे स्टेशन में मौजूद यात्रियों को जहां के तहां रोक दिया गया।
जानकारी होते ही स्टेशन प्रबंधक आरसी यादव व सहायक स्टेशन मास्टर आरपी पासवान ने आरपीएफ व जीआरपी को सूचना दी। तकनीकी विशेषज्ञों की टीम आनन-फानन में बुलाई गई। इधर स्टेशन पर यात्रियों के मन में अनहोनी की आश्ंाका फैलने लगी लेकिन आरपीएफ व जीआरपी ने सतर्कता दिखाते हुए परिसर में मौजूद यात्रियों को आने-जाने से रोक दिया।
जिससे इलेक्ट्रिक व्यवस्था ठप होने से बांदा की ओर से आ रही बुंदेलखंड एक्सप्रेस, महाकौशल एक्सप्रेस बदौसा रेलवे स्टेशन में खड़ी हो गई। मानिकपुर की तरफ से आने वाली झांसी पैसेंजर भी रुकने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
यह ट्रेन हुई प्रभावित
चित्रकूट। डेढ़ घंटे बुंदेलखण्ड एक्सप्रेस, एक घंटे महाकौशल एक्सप्रेस व झांसी पैसेंजर दो घंटे प्रभावित रही। सूचना पर पहुंची इंजीनियरों की टीम ने मरम्मत कार्य शुरू कर लगभग दो घंटे में लाइन चालू की। तब कहीं जाकर ट्रेने रवाना हो सकीं।
तार टूटना खड़ा कर रहा सवाल
चित्रकूट। लगभग तीन माह पहले शुरू हुई इलेक्ट्रिक रेल सेवा का विद्युत तार टूटने पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। अभी अधिकारी, कर्मचारी तार टूटने का कारण खोजने में जुटे हैं। लोगों का मानना है कि इलेक्ट्रिक तार में इतना करंट होता है कि किसी को हताहत होने में चंद सेकेंड ही लगें। ऐसे में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लाइन खींची जाती है। आखिर किन कारणों से तार टूटी होगी यह प्रश्न चिह्न बना है।