कानपुर देहात। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण की प्रक्रिया शुरू होने से विद्युत कर्मियों में उबाल है। सोमवार को विद्युत कर्मी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर चले गए। बिजली आपूर्ति सुचारू रखने के लिए सबस्टेशनों में राजस्व कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई। तहसीलवार एसडीएम ने अपने क्षेत्रों में सबस्टेशनों का निरीक्षण किया। बिजली वितरण की स्थिति पर अधिकारी नजर बनाए रहे। वहीं, पुखरायां ग्रिड सबस्टेशन से जैनपुर की 33 केवी लाइन ब्रेक डाउन होने गुल हुई बिजली शाम तक बहाल नहीं हो सकी। अकबरपुर के जैनपुर औद्योगिक फीडर-1 की बिजली शाम चार बजे फाल्ट से गुल रही। काउंटर बंद होने से बिजली बिल जमा करने आए उपभोक्ताओं को मायूस होकर लौटना पड़ा।
जिले के 33 सबस्टेशनों में पहले से विद्युत वितरण व लाइनों के रखरखाव का काम निजी हाथों में है। संविदा पर पूर्व फौजी सबस्टेशनों में बतौर एसएसओ तैनात हैं। जबकि, ठेकेदार के अधीन संविदा लाइनमैन फाल्ट अटेंड करते हैं। निगम के डेढ़ सौ विद्युत कर्मी अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार में शामिल हैं। सोमवार को निजीकरण का विरोध कर रहे विद्युत कर्मी मुख्य अभियंता कानपुर के कार्यालय में धरने पर बैठ गए। सबस्टेशनों के संचालन में कोई अड़चन न आए इसके लिए पुलिस व प्रशासन मुस्तैद रहा।
झींझक, सिकंदरा, शिवली, अकबरपुर, रूरा, मैथा, रनियां, पुखरायां में लगभग सभी फीडरों पर बिजली आपूर्ति बहाल रही। वहीं, पुखरायां ग्रिड सबस्टेशन से जैनपुर सबस्टेशन को जोड़ने वाली 33 केवी लाइन 11 बजे ब्रेक डाउन हो गई। इसकी वजह से जैनपुर सबस्टेशन के चार फीडरों से जुड़े 45 गांवों की बिजली शाम तक बहाल नहीं हो सकी। अकबरपुर के जैनपुर सबस्टेशन का औद्योगिक फीडर-1 फाल्ट आने से शाम को चार बजे ठप हो गया। इससे लगभग 50 फैक्टरियों की बिजली गुल रही। देर शाम तक फाल्ट दुरुस्त नहीं किया जा सका था।
इन गांवों में गुल रही बिजली, पानी का संकट गहराया
जैनपुर सबस्टेशन से जुड़े राजपुर फीडर के राजपुर, जल्लापुर, बकसौधी, दमनपुर, विजहरा, बैना फीडर के रसूलपुर, दयानतपुर, सिल्हरा, सलेमपुर आदि। अफसरिया फीडर के जल्लापुर सिकंदरा, अफसरिया, कमलपुर और भाल फीडर के खलासपुर, भाल, गनेशपुर, नबीपुर समेत 45 गांवों में शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई। बिजली आपूर्ति ठप रहने इंवर्टर भी दगा दे गए। पेयजल संकट से लोगों को जूझना पड़ा। इसी प्रकार डेरापुर सबस्टेशन के रतनियापुर गांव की एलटी लाइन का खंभा अज्ञात वाहन की टक्कर से टूटने से एक घंटा बिजली गुल रही। दूसरा पोल लगाकर बिजली आपूर्ति बहाल की गई। -
बंद रहे कैश काउंटर, हुई राजस्व क्षति
राजस्व संग्रह के लिए विद्युत विभाग ने कैश काउंटर खोले हैं। इन काउंटरों पर टीजी-2 कैश जमा कराते हैं। कार्य बहिष्कार की वजह से जिले के 20 कैश काउंटर बंद रहे। जिले भर में प्रतिदिन लगभग एक करोड़ रुपये राजस्व संग्रह होता है। कैश काउंटर बंद होने से एक करोड़ राजस्व संग्रह नहीं हो सका। अधीक्षण अभियंता एसके श्रीवास्तव ने बताया कि बिजली कर्मियों के कार्य बहिष्कार की वजह से कैश काउंटर बंद रहे। इससे इन काउंटरों पर राजस्व जमा नहीं हुआ।