कानपुर देहात। जिले में बुजुर्ग पेंशन का लाभ देने की जिम्मेदारी समाज कल्याण विभाग की है। इधर कई बुजुर्ग जिन्हें सालों से पेंशन मिल रही थी, अब बंद हो गई है। इसको लेकर इन बुजुर्गाें को तहसीलों व माती में विकास भवन कार्यालय में भटकना पड़ रहा है। विभाग एनपीसीआई मैपर पर खाता अपडेट व आधार प्रमाणीकरण न होने की वजह बता रहा है।
विभागीय आंकड़ों की बात करें तो करीब 76664 बुजुर्ग लाभार्थी है। जिन्हें हर माह के हिसाब से हर तिमाही में पेंशन दी जाती है। इनमें से करीब चार से अधिक लाभार्थियों की पेंशन बीच में बंद हो गई है। इसको लेकर तहसीलों में हर महीने के पहले और तीसरे शनिवार को होने वाले संपूर्ण समाधान दिवस में भी बुजुर्ग पेंशन न मिलने की फरियाद लेकर पहुंच रहे हैं। वहीं जिला स्तरीय कार्यालयों में भी पेंशन किस्त बंद होने से बुजुर्ग परेशान होकर भटक रहे हैं। बुजुर्गाें का कहना है कि कई बार बैंक के चक्कर लगाए तब पेंशन किस्त बंद होने की जानकारी मिली।
जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रज्ञा शंकर तिवारी ने बताया कि आधार प्रमाणीकरण एकाउंट माध्यम से पेंशन भुगतान की व्यवस्था लागू की गई है। पेंशन लाभार्थी का बैंक खाता एनपीसीआई मैपर पर अपडेट भी होना चाहिए। पेंशन रुकने की अधिकतर शिकायतों में आधार प्रमाणीकरण न होना और एनपीसीआई मैपर अपडेट न होने की वजह है। माती विकास भवन स्थित कार्यालय में शिकायत लेकर आने वाले बुजुर्गाें का आधार प्रमाणीकरण तत्काल करा दिया जाता है। हालांकि एनपीसीआई मैपर के लिए संबंधित बैंक खाता में जाकर लाभार्थी को आवेदन करना होता है। शिकायत आने पर संबंधित को अवगत कराया जाता है।
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केस एक :
अकबरपुर के लालपुर निवासी चंद्रमुखी की आयु करीब 80 वर्ष है। उन्हें बुजुर्ग पेंशन मिलती थी। मगर अब काफी समय से पेंशन खाते में नहीं आ रही है। चंद्रमुखी तहसील कार्यालय से लेकर माती तक भी भाग दौड़ कर रही हैं।
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केस दो :
मोहाना के जगमोहन को बुजुर्ग पेंशन मिलती रही है। वित्तीय वष्र 2023-24 में पेंशन खाते में आयी। मगर इस साल पेंशन नहीं आ रही है। वह तहसील व माती विकास भवन के चक्कर लगा चुके हैं।
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केस तीन :
करसा की सावित्री को बुजुर्ग पेंशन मिलती रही है। इस वित्तीय वर्ष में उन्हें पेंशन की किस्त नहीं मिली। बैंक में इसकी जानकारी के बाद अब उन्हें तहसील व माती विकास भवन कार्यालय में भटकना पड़ रहा है। पिछले दिनों की उन्होंने पेंशन बहाल करने की मांग कर शिकायत की है।
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प्रति दिन 110 से अधिक पहुंचते लाभार्थी
विकास भवन में समाज कल्याण विभाग है। यहां पर पेंशन न मिलने की फरियाद लेकर 100 से अधिक लोग प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। पटल का काम देख रहे लिपिक ने बताया कि जो भी लाभार्थी आता है, उसकी विभागीय स्तर पर तत्काल समस्या का निस्तारण करा संबंधित बैंक से भी वार्ता की जा रही है। जिससे किसी लाभार्थी को परेशानी न हो। इधर कई लाभार्थी विभाग में कई दिनों से चक्कर लगाने के बाद भी कभी बैंक तो कभी कोई कागजी कमी बता कर वापस किए जाने की बात कही। लाभार्थियों का कहना है कि नए नियमों के पेंच में उनके बुढापे का सहारा छिन गया है। महीनों से वह पेंशन के लिए परेशान हो रहे हैं।