फतेहपुर में बड़े भाई की गोली मारकर हत्या करने के दोषी को जनपद न्यायाधीश की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामला न्यायालय में चार साल से विचाराधीन था। अदालत के आदेश आते ही दोषी को जेल भेज दिया गया। मामला सुल्तानपुर घोष थानाक्षेत्र के गांव मंडवा के मजरा कल्लू का पुरवा निवासी राजाराम यादव और श्रीराम यादव सगे भाई हैं।
दोनों आमने-सामने घर बनवाकर रहते थे। 16 जून 2016 की रात साढ़े नौ बजे राजाराम यादव अपने बेटे राहुल सिंह की किसी हरकत पर नाराज होकर उसे पीट रहा था। पिता की मार से बचने के लिए राहुल अपने ताऊ श्रीराम यादव के घर में भागकर घुस गया। श्रीराम ने अपने छोटे भाई राजाराम को बच्चे को पीटने से रोका, जिस पर आक्रोश में आकर राजाराम ने अपने सगे भाई श्रीराम को ही गोली मार दी।
जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गोली मारने के बाद राजाराम गांव से फरार हो गया। पुलिस ने उसे दो साल बाद गिरफ्तार कर जेल भेजा था। घटना के बाद से मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। मंगलवार को जनपद न्यायाधीश ओमप्रकाश त्रिपाठी की अदालत में प्रकरण की सुनवाई हुई।
मृतक को न्याय दिलाने के लिए जिला शासकीय अधिवक्ता बृजेश शुक्ल और सहायक शासकीय अधिवक्ता अनिल दुबे जिला जज की अदालत में पैरवी कर रहे थे। उन्होंने अदालत के समक्ष एक के बाद एक छह गवाह प्रस्तुत किए। सभी गवाहों और साक्ष्यों को मद्देनजर रखते हुए अदालत ने हत्याभियुक्त राजाराम यादव को आजीवन कारावास की सजा सुना दी। अदालत का आदेश आने के बाद दोषी को जेल भेज दिया गया।