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Ekta Murder: जिम ट्रेनर पर हत्या का आरोप तय…19 से गवाही, कोर्ट ने माना- शव मृतका का था या नहीं साक्ष्य का विषय

Fri, 09 May 2025 02:37 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने माना कि शव मृतका का था या नहीं यह साक्ष्य का विषय है और यह सिद्ध करने का भार अभियोजन के ऊपर है। इस आधार पर अभियुक्त को आरोप मुक्त नहीं किया जा सकता।
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Ekta Murder Case - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में विवाहित महिला को प्रेमजाल में फंसाकर उसकी हत्या कर शव को डीएम कंपाउंड में दफन कर देने वाले जिम ट्रेनर विमल सोनी के खिलाफ अपर जिला जज सप्तम की अदालत में आरोप तय कर दिए गए हैं। आरोपमुक्ति की विमल की अर्जी को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। 

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विमल पर शादी के लिए महिला का अपहरण करने, उसे गंभीर चोट पहुंचाने, हत्या और सबूत मिटाने के आरोप में मुकदमा चलेगा। मुकदमे में 19 मई से गवाही शुरू होगी। जेल में बंद विमल की ओर से आरोप मुक्ति प्रार्थना पत्र कोर्ट में दाखिल किया गया था।

Ekta Murder Case - फोटो : amar ujala
विमल पर हत्या का झूठा आरोप लगाया
इसमें तर्क रखा गया कि केस डायरी में कोई ऐसा तथ्य नहीं है जिससे साबित हो कि महिला को नशीला पदार्थ दिया गया। महिला विवाहित थी इसलिए शादी के लिए उसका अपहरण करने की भी कोई बात नहीं है। विमल पर हत्या का झूठा आरोप लगाया गया है।

Ekta Murder Case - फोटो : अमर उजाला
कंकाल किसका है, नहीं आई डीएनए रिपोर्ट
महिला का शव बरामद नहीं हुआ है सिर्फ कंकाल के आधार पर विवेचक ने विमल के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। कंकाल किसका है, इस संबंध में डीएनए रिपोर्ट नहीं आई है। सीसीटीवी फुटेज की जांच विधि विज्ञान प्रयोगशाला से नहीं कराई गई है।

Ekta Murder Case - फोटो : संवाद
कार में ले जाकर कर दी थी हत्या
वहीं, एडीजीसी विनोद त्रिपाठी ने आपत्ति जताते हुए कहा कि विमल और महिला का जिम से संपर्क था। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार घटना के दिन दोनों साथ थे। विमल ने बयान में बताया है कि उसने महिला को कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया था। इसके बाद कार में ले जाकर उसकी हत्या कर दी।
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Ekta Murder Case - फोटो : amar ujala
अर्जी खारिज करते हुए तय कर दिए आरोप
डीएम कंपाउंड में शव को दफन कर दिया था। उसकी निशानदेही पर ही शव बरामद हुआ है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने माना कि शव मृतका का था या नहीं यह साक्ष्य का विषय है और यह सिद्ध करने का भार अभियोजन के ऊपर है। इस आधार पर अभियुक्त को आरोप मुक्त नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने विमल की आरोप मुक्ति की अर्जी खारिज करते हुए उसके खिलाफ आरोप तय कर दिए।
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