फर्रुखाबाद। शहर के बाशिंदों के लिए अच्छी खबर है। प्रत्येक घर में शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए 226.94 करोड़ रुपये से 22 नए नलकूप लगाए जाएंगे। इसके साथ ही आठ पानी की टंकियों का निर्माण होगा और पाइप लाइनें डाली जाएंगी। इसके लिए जल निगम से डीपीआर बनाकर शासन को भेज दी गई है।
शहर में आबादी क्षेत्र बढ़ने के साथ पुरानी पाइप लाइनें क्षतिग्रस्त होने से अधिकांश घरों में टंकी से जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे घरों में सबमर्सिबल बढ़ने से जलदोहन भी बढ़ता जा रहा है। सरकार की अमृत-2 पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत प्रत्येक घर में टंकी से पानी पहुंचाया जाएगा। जलनिगम शहरी की ओर से वर्ष 2027 तक शहर की 3,47,268 आबादी को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए डीपीआर बनाई गई है। इसमें शहर के नगरपालिका क्षेत्र को 26 जाेन में बांटकर 226.94 कार्ययोजना बनाकर शासन को भेज दी गई है।
योजना के तहत फर्रुखाबाद व फतेहगढ़ के सभी मोहल्लों में 312 किमी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। 22 नए नलकूपों का निर्माण कराने के साथ आठ पुराने नलकूपों को रिबोर कराया जाएगा। आठ नई टंकियों का निर्माण होगा। जबकि 6 भूमिगत टैंक बनाए जाएंगे। वहीं हर घर में पानी पहुंचाने के लिए 28,568 नए कनेक्शन होंगे और 23,806 पुराने व निष्प्रयोज्य कनेक्शन शिफ्ट किए जाएंगे। इससे शहर से सभी घरों को पेय जलापूर्ति से संतृप्त किया जाएगा।
शहर में पहले से बनी हैं 18 टंकियां
नगरपालिका क्षेत्र में 18 पानी की टंकियां बनी हैं। इनमें कई टंकियों से विभिन्न कारणों से जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। पेयजल पुनर्गठन योजना में खराब टंकियों का जीर्णोद्धार भी कराया जाएगा।
इन स्थानों पर होगा टंकी का निर्माण
पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत आठ पानी की टंकियों का निर्माण कराया जाएगा। इसमें शहर के मोहल्ला बीबीगंज, फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन, ठंडी सड़क, कादरीगेट, चंद्रगुप्त नगर के अलावा जसमई दरवाजा व फतेहगढ़ में बेवर रोड और जेएनवी रोड पर टंकी बनाई जाएगीं। जबकि अंडरग्राउंड टंकियों का निर्माण टाउनहाल, बीबीगंज, छोटी कांशीराम कालोनी, सलावत खां, कादरीगेट व कंपनी बाग में कराया जाएगा।
सदर विधायक ने दिया था प्रस्ताव
सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने बताया कि शहर में बेहतर पेय जलापूर्ति के लिए उन्होंने शासन में पेयजल पुनर्गठन योजना का प्रस्ताव दिया था। जलनिगम से डीपीआर बनाकर शासन को भेज दी गई है। बृहस्पतिवार को उन्होंने लखनऊ में अधिकारियों से डीपीआर की प्रगति की जानकारी ली। तब बताया गया कि डीपीआर धनराशि स्वीकृति के लिए स्टेट लेबल टेक्निकल कमेटी के पास भेज दी गई है। शीघ्र ही स्वीकृति मिलने के साथ धनराशि भी आवंटित होने की उम्मीद है।
वर्जन
डीपीआर बनाकर शासन को भेजी जा चुकी है। धनराशि शीघ्र ही आवंटित होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि डीपीआर में शहर की पुरानी नौ टंकियों का जीर्णोद्धार भी शामिल कर लिया गया है। इससे योजना का काम पूरा होने पर शहर की पूरी आबादी पेय जलापूर्ति से संतृप्त हो जाएगी। -यदुनाथ सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम शहरी