कानपुर। शहर में लगभग आठ हजार कोडीनयुक्त सिरप की शीशियां दोपहिया वाहनों से सप्लाई की गई हैं। इनके बिल भी नहीं मिल रहे हैं। यह जानकारी एसआईटी अधिकारियों को हुई है। सर्वाधिक शीशियां काकादेव, नौबस्ता, स्वरुपनगर, लाल बंगला और गोविंदनगर के मेडिकल स्टोर में सप्लाई की गईं। एसआईटी आरोपी फर्म मालिकों से बिल की मांग कर रही है। टीम को नींद की दवाओं को भी बिक्री के लिए देने के साक्ष्य मिले हैं। इस संबंध में जानकारी जुटाने के लिए एक टीम वाराणसी रवाना हुई है।
खाद्य प्रसंस्करण एवं औषधि प्रशासन की शिकायत पर पुलिस ने फर्म मालिकों पर एफआईआर की थी। इसमें विनोद अग्रवाल, सुमित केसरवानी और विशाल सिंह सिसोदिया को गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है जिसमें विनोद अग्रवाल का बेटा शिवम अग्रवाल भी शामिल है। पुलिस ने विनोद अग्रवाल की शहर में पांच संपत्तियों को फ्रीज किया है।
एसआईटी सूत्रों के अनुसार, जांच में सामने आया है कि 100 एमएल की करीब 10 हजार शीशियों के बिल आरोपी नहीं दिखा सके हैं। इनकी संख्या बढ़ने की संभावना है। कुछ नींद की दवाएं भी मेडिकल दुकानों को सप्लाई करने की जानकारी मिली है। इन दर्द निवारक या नींद की दवाओं की भी जांच हो रही है।
शहर के मेडिकल स्टोर को काफी संख्या में कोडीनयुक्त कफ सिरप की शीशियां सप्लाई हुई हैं। आरोपी इनका बिल नहीं दिखा सके हैं। अब तक हुई जांच में करीब 10 हजार शीशियां देने की जानकारी हुई है। एक टीम जांच के लिए बाहर गई है। - एसके सिंह, डीसीपी क्राइम