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विसर्जन की जगह प्रतिमा स्थापना का प्रयास, दो पक्षों में विवाद, पुलिस और एलआईयू की रही चूक

Sat, 20 Oct 2018 10:07 PM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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घटनास्थल पर मौजूद एसडीएम और सीओ - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के उरई में कदौरा पुलिस की लापरवाही के चलते दशहरा पर प्रतिमा विसर्जन और स्थापना को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। एक पक्ष प्रतिमा को विसर्जन करने के बजाए उसे उसी स्थान पर स्थापित करने पर अड़ गया तो दूसरे पक्ष ने इसका विरोध किया। सूचना पाकर एसडीएम सुनील कुमार और सीओ सुबोध गौतम भारी पुलिस फोर्स और पीएसी के साथ मौके पर पहुंचे और प्रतिमा को वहां से हटाकर नजदीक स्थित देवी मंदिर में सुरक्षित रखवा दिया गया है। एसडीएम का कहना है कि फिलहाल प्रतिमा विसर्जित नहीं की गई है, जल्द ही उच्चाधिकारियों से वार्ता कर निष्कर्ष निकाला जाएगा। क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए भारी फोर्स तैनात कर दिया गया है।  
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कदौरा के मोहल्ला सीर में लगभग पिछले सात वर्षों से सार्वजनिक स्थान पर पंडाल लगाकर देवी प्रतिमा की स्थापना की जाती है। इस वर्ष भी यही हुआ पर दशहरे पर विसर्जन के लिए मूर्ति को उस स्थान से उठाया तो गया पर भीड़ के साथ कई मंदिरों के फेरे लगाकर मूर्ति को उसी जगह पर वापस लाकर उसकी स्थापना की तैयारी शुरू कर दी गई। इस पर दूसरे पक्ष के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। इससे मामला बिगड़ने लगा। सूचना पर पहुंचे अधिकारियों ने स्थापना कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया पर इलाकाई लोग और महिलाएं सभी प्रतिमा की स्थापना की बात पर अड़ गए। इस कारण पुलिस की भीड़ से तीखी झड़प भी हुई। आखिर में किसी तरह प्रशासन ने प्रतिमा को कब्जे में लेकर उसे नजदीक के मंदिर में सुरक्षित रखवा दिया।
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आयोजकों ने पहले ही प्रतिमा स्थापना की रूपरेखा तैयार कर ली थी

प्रतिमा के पास बैठी महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
अधिकारियों का कहना है कि यदि सहमति बनी तो इसी मंदिर में प्रतिमा स्थापित भी करा दी जाएगी। ऐतिहातन मौके पर फोर्स तैनात कर दी गई है हालांकि मामले को लेकर अभी मोहल्ले में तनाव की स्थिति है। एसडीएम ने बताया कि कोर्ट के मुताबिक बिना अनुमति सार्वजनिक स्थान पर प्रतिमा स्थापित नहीं की जा सकती है। संबंधित थाना प्रभारी से भी इस संदर्भ में सवाल जवाब किए जाएंगे कि आखिर तनाव की स्थिति बनी कैसे। सीओ सुबोध गौतम का कहना है कि गड़बड़ी फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।   

पुलिस और एलआईयू की रही चूक  
सूत्रों की मानें तो आयोजकों ने पहले ही प्रतिमा स्थापना की रूपरेखा तैयार कर ली थी। इस कारण ही इस बार मिट्टी या प्लास्टर ऑफ पेरिस के स्थान पर देवी की संगमरमर की प्रतिमा लाई गई थी। इसे भांपने में थाना पुलिस और एलआईयू दोनों से ही चूक हुई है।
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