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पढ़े-लिखे हैं पर हेलमेट से दूर

Wed, 20 Jan 2016 02:00 AM IST
दुर्गेश त्रिपाठी, कानपुर
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शहर के पढ़े-लिखे लोग ही हेलमेट नहीं लगाते हैं। हादसे में उन्हीं के सिर फट रहे हैं। यह खुलासा जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के जूनियर डॉक्टर शिवाजी देव बर्मन के रिसर्च में हुआ है।
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रिसर्च के मुताबिक 85.48 फीसदी पढ़े लिखे लोगों ने बाइक पर हेलमेट नहीं लगाया और कार चलाते समय सीट बेल्ट नहीं बांधी जो घायल होकर हैलट इमरजेंसी पहुंचे। यहां सात महीने में आए 1000 घायलों पर हुए रिसर्च में यह भी खुलासा हुआ है कि गोल्डन आवर (एक्सीडेंट के एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचने पर बच सकती है जान) के बाद अस्पताल पहुंचाए जाते हैं। हेलमेट न लगाने वाले लोग सभी हाईस्कूल पास हैं।

डब्लूएचओ को भेजे इस रिसर्च में खुलासा हुआ कि 17 फीसदी लोगों के पास ड्राइविंग लाइसेंस ही नहीं है। हादसे में घायल होने वाली महिलाओं की संख्या 26 फीसदी है जबकि 74 फीसदी पुरुष हैं।
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तो बढ़ जाएगी रैंकिंग ः पूरे विश्व में मौत के कारणों में सड़क हादसों का आठवां नंबर है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक यदि रोड सेफ्टी का पालन न किया गया तो 2030 तक यह पूरे विश्व में मौत का पांचवां सबसे बड़ा कारण होगा।

यातायात की मनमानी वजह ः डॉ. देव बर्मन बताते हैं कि कानपुर में यातायात की मनमानी के कारण लोग सबसे ज्यादा हादसे का शिकार हो रहे हैं। मनमानी ड्राइविंग व सुरक्षा मानकों का पालन न करना यहां के लोगों पर भारी पड़ रहा है।
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ये निकले मुख्य निष्कर्ष
घायलों में 43.16 फीसदी लोग स्कूल टीचर, क्लर्क, दुकानदार।
जख्मी होने वालों में 61.58 फीसदी लोग शादीशुदा थे।
शाम चार बजे से रात आठ बजे के बीच सबसे ज्यादा एक्सीडेंट।
32.02 फीसदी ने कम दिखने को हादसे की वजह बताया।
डिवाइडर न होने से 83.09 फीसदी लोग टक्कर से हुए घायल।
55.15 फीसदी लोगों को प्राइवेट वाहनों में अस्पताल पहुंचाया गया।
20-60 की आयु वर्ग वाले 66.74% लोग हादसे का शिकार हुए।
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