बांदा। वृद्धों को आश्रय देने की आड़ में हो रहे खेल पर राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रभा गुप्ता ने सख्त असंतोष जताया है। आयोग और उच्चाधिकारियों को कार्रवाई के लिए लिखा है। उन्होंने बुधवार को यहां नरैनी रोड पर स्थित वृद्धाश्रम का आकस्मिक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान खुलासा हुआ कि शहर के बाहर स्थित जिस भवन में वृद्धाश्रम चल रहा है, उसका किराया 86 हजार रुपये प्रति माह दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वृद्धाश्रम की क्षमता 150 वृद्धों के रहने की है। यहां अभिलेखों में 72 वृद्ध पंजीकृत हैं, जबकि मौके पर 57 वृद्ध मिले। इनमें 10 महिलाएं हैं।
यह भी बताया कि वृद्धाश्रम के कर्मियों को सेलरी का भुगतान नकद किया जाता है। खाते या चेक से नहीं। मेन्यू के मुताबिक भोजन भी नहीं दिया जा रहा। आश्रम में गंदगी मिली। प्रभा गुप्ता ने बताया कि अकाउंटेंट मौके पर नहीं मिला। वृद्धाश्रम से कोई भी अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया गया। यहां स्टाफ भी कम है। उन्होंने कहा कि वे फिर निरीक्षण करेंगी। साथ ही अपनी निरीक्षण रिपोर्ट आयोग और अन्य उच्चाधिकारियों को भेजकर कार्रवाई कराएंगी।
जनसुनवाई में 16 मामलों पर सुनवाई
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रभा गुप्ता ने बुधवार को सर्किट हाउस में जनसुनवाई की। महिलाओं से संबंधित 16 मामलों पर संज्ञान लिया। इनमें ज्यादातर पुलिस से संबंधित थे। पुलिस अफसरों और महिला थाना इंचार्ज को प्रभावी कार्रवाई और महिला उत्पीड़न रोकने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में छोटी बाई (अतर्रा), राधा सोनी, मंजू देवी, दिव्यांशी (बांदा) आदि ने फरियादें कीं। आयोग सदस्य ने बीएसए हरिश्चंद्रनाथ को कस्तूरबा गांधी विद्यालय में बालिकाओं के खानपान और शिक्षा की व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया। वृद्धावस्था, राशन, चिकित्सा आदि की भी समीक्षा की।
जनसुनवाई के दौरान डिप्टी कलेक्टर/प्रोबेशन आफीसर जेपी यादव सहित बीएसए, डीएसओ, समाज कल्याण अधिकारी, डिप्टी सीएमओ, सीओ सदर, महिला थानाध्यक्ष और कार्यक्रम अधिकारी अर्चना तिवारी सहित वैशाली गुप्ता, मंजुला चतुर्वेदी, किरन देवी, शिखा शुक्ला भी मौजूद रहीं।