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'बाइकों का बाप' निकलेगी हीरो की ये ई-बाइक, 2 रुपये में 50 किलोमीटर, यहां देखें बेहतरीन फीचर्स

Tue, 17 Jul 2018 05:21 PM IST
प्रदीप अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर

सार

हीरो साइकिल के चेयरमैन पंकज मुंजाल ने बताई भविष्य की योजना
बोले, ईंधन बचाने की दिशा में अगले महीने पेश करेंगे नई क्रांति
 
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साइकिल की जानकारी देते पंकज मुंजाल - फोटो : अमर उजाला
देश की अग्रणी साइकिल निर्माता कंपनी ‘हीरो साइकिल लिमिटेड’ ईंधन बचाने की दिशा में अगले महीने दुनिया भर में धूम मचाने की तैयारी में है। हीरो साइकिल लिमिटेड ई-बाइक दो रुपये में 50 किलोमीटर से ज्यादा चलेगी। सौ किलोमीटर चलने में पांच रुपये से ज्यादा खर्च नहीं आएगा।


 
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उद्घाटन करते पंकज मुंजाल - फोटो : अमर उजाला
हीरो साइकिल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक पंकज मुंजाल ने दावा किया है कि वे एक ऐसी ई-बाइक लांच करने जा रहे हैं जो यात्रा खर्च बचाने की दिशा में दुनिया में क्रांति ला देगा। जर्मनी, जापान और यूके की तीन कंपनियों के सहयोग इसे तैयार किया जा रहा है। यह ई-बाइक दो रुपये में 50 किलोमीटर से ज्यादा चलेगी। सौ किलोमीटर चलने में पांच रुपये से ज्यादा खर्च नहीं आएगा। 

 
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डेमाे पिक
पंकज मुंजाल शनिवार को शहर के किदवई नगर क्षेत्र में हीरो साइकिल के एक शोरूम का शुभारंभ करने आए थे। अमर उजाला से खास बातचीत में उन्होंने कंपनी की भविष्य की नई योजनाओं को साझा किया। उन्होेंने बताया कि पेट्रोल, डीजल के बढ़ते दाम दिन पर दिन बढ़ रहे हैं। सड़कों पर वाहनों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। ऐसे में एक ऐसे दोपहिया वाहन की जरूरत है जो साइकिल की जरूरत को पूरा करे ताकि शरीर चलता रहे लेकिन अनुभव उसे बाइक जैसा मिले।

 

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लंबी दूरी तय करने में व्यक्ति को थकान भी महसूस न हो, इसलिए ऐसी इलेक्ट्रिक बाइक तैयार की जा रही है जो साइकिल और बाइक का मिलाजुला स्वरूप होगा। हालांकि उन्होंने ई-बाइक का नाम, उसकी कीमत और तकनीक आदि के बारे में बताने से इनकार किया। उन्होंने बताया कि दुनिया में ई-बाइक का चलन तेजी से बढ़ा है। भारत इसका नया बाजार है। यहां ई-बाइकें पसंद की जा रही हैं। उनकी योजना ई-बाइक बनाकर निर्यात करने की है।  

 
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नोटबंदी के बाद 30 फीसदी बढ़ा कारोबार

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पंकज मुंजाल ने नोटबंदी को अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक सुधार बताया। बोले, शुरुआत में उन्हें भी बहुत परेशानी हुई थी, लेकिन नोटबंदी के बाद उनके कारोबार में स्थिरता आई। ड़ेढ साल में कारोबार में 30 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। 
 
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डिजाइनिंग सेक्शन इंग्लैंड और जर्मनी में किया शिफ्ट 

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स्वदेशी साइकिल उद्योग को विदेशी कंपनियों से चुनौती मिलने के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस तरह से विदेशी कंपनियां भारत में बाजार खोज रही हैं उसी तरह से वे भी दुनिया के 50 देशों में अपने कारोबार का विस्तार कर चुके हैं। साइकिल सेगमेंट में तकनीक और इनोवेशन के लिए व्यापक बदलाव किया गया है। इसी तरह से इसका डिजाइनिंग सेक्शन इंग्लैंड और जर्मनी शिफ्ट किया गया है। 
 
 
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बच्चों की साइकिल में बड़ा प्रयोग 

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हीरो की सबसे महंगी साइकिल डेढ़ लाख रुपये कीमत की है जो आम तौर पर विदेशों में ही बिकती है। बच्चों को नई तरह की साइकिल उपलब्ध कराने के लिए डिज्नी, स्पाइडरमैन और कैप्टन अमेरिका नाम की कंपनियों से करार किया गया है। अब बच्चों की साइकिलें इन्हीं थीम पर तैयार हो रही हैं। 
 
 

मुंजाल परिवार का कानपुर से है गहरा नाता 

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हीरो साइकिल के चेयरमैन पंकज मुंजाल का कानपुर से गहरा नाता है। एक तो हीरो साइकिल का कानपुर में बड़ा व्यापार है ही, दूसरा, उनकी सगी भांजी रुचिका गर्ग यहीं रहती हैं। स्वरूप नगर में उनका घर है। शनिवार को रुचिका का पूरा परिवार मामा से मिलने होटल लैंडमार्क पहुंचा। करीब एक घंटे तक परिजन उनके साथ रहे। हीरो साइकिल के संस्थापक सदस्य ओमप्रकाश मुंजाल की बेटी नीरू खन्ना ने वर्ष 2000 में अपनी बेटी रुचिका की शादी स्वरूपनगर निवासी हार्डवेयर कारोबारी सतीश बक्शी के बेटे विक्रम बक्शी के साथ की थी। तब से हीरो साइकिल समूह का उद्योग नगरी कानपुर से गहरा नाता हो गया।
 
 
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मुंजाल परिवार का कोई न कोई सदस्य यहां आता रहता है। रुचिका के पति विक्रम लाटूश रोड पर बक्शी एंड सन्स फर्म में पिता के साथ कारोबार संभालते हैं। रुचिका बताती हैं कि मामा से मिलकर लुधियाना की याद आ जाती है। उनका मायका कोलकाता में है, लेकिन बचपन में वह लुधियाना जातीं तो नाना और मामा के पास ही ज्यादा रहतीं थीं। रुचिका याद करते हुए कहती हैं कि हीरो साइकिल के शुुरुआती दिनों में जिस कानपुर ने उनके कारोबार को बढ़ाने में मदद की, वहां नातिन की शादी करके वह बहुत खुश थे। कानपुर में कारोबार के सिलसिले में नाना ओमप्रकाश अक्सर आते थे।
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