डेढ़ साल से ऑक्सीजन लेकर सो रहे कानपुर में कल्याणपुर के मोहम्मद उस्मान फारूकी का कहना है कि खर्राटों से नींद पूरी नहीं होती। ऑक्सीजन लेवल घटने से चिड़चिड़ापन आ गया है, सोकर उठते हैं तो फ्रेश रहने के बजाए थकान रहती है और सिर में वाइब्रेशन होता है।
खर्राटों की दिक्कत बढ़ने से डॉक्टर ने उन्हें बाईपेप का सुझाव दिया है। फारूकी के अलावा प्रदूषण की वजह से खर्राटों की दिक्कत बढ़ने के कारण आक्सीजन लेकर सोने वाले कई मरीज स्लीप फाउंडेशन के निशुल्क कैंप में परीक्षण कराने आए। खर्राटों से शरीर में ऑक्सीजन घटने से रोगियों के कई और अंग प्रभावित हुए हैं।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, आईएमए और स्लीप फाउंडेशन के बैनर तले निशुल्क कैंप का आयोजन स्वरूपनगर स्थित डॉ. लालचंदानी ईएनटी सेंटर में किया गया। इसका उद्घाटन विधायक नीलिमा कटियार ने किया। मौके पर आए मरीजों ने खर्राटे होने से नाक में लगातार संक्रमण, दिन में काम करते-करते सो जाना, सीने में दर्द उठना आदि दिक्कतों के संबंध में बताया।