कानपुर। निरालानगर से बुधवार दोपहर स्कूल से घर जा रहे पांचवीं के छात्र के अपहरण की कहानी झूठी निकली। छात्र ने छुट्टी के बाद घर जाने में देरी होने पर यह कहानी रची थी। जांच में सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है।
गोविंदनगर के डीबीएस काॅलेज के पास कच्ची बस्ती में रहने वाले ट्रक चालक जीतेंद्र का बेटा कुनाल सिंह निरालानगर के स्कूल में कक्षा पांच का छात्र है। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि गुरुवार को स्कूल से घर लौटने में दोस्त के साथ खेलने के कारण उसे देर हो गई थी। इसके बाद उसने दोस्त से उसके घर फोन कर अपहरण की कहानी सुनाने के लिए कहा। हालांकि दोस्त ने इन्कार कर दिया। इसके बाद उसने दौड़कर परचून की दुकान पर पहुंचकर हांफते हुए अपहरण की कहानी सुनाई। दुकानदार ने परिजनों और पुलिस को फोन पर सूचना दी थी। कहा था कि वैन सवार दो लोगों ने पता पूछने के बहाने पास बुलाकर रुमाल से नशीला पदार्थ सुंघा दिया। इससे वह बेहोश हो गया। होश आने पर चौधरी दुग्ध डेयरी पास वैन को सड़क किनारे खड़ा देख कूदकर भाग निकला। जब पुलिस कर्मियों ने छात्र के बताए गए रूट के आधार पर आसपास लगे सीसी कैमरों की फुटेज खंगाली तो सच्चाई सामने आ गई।